विकास के पथ पर अग्रसर बिहार .....


बजट सत्र के दौरान बिहार सरकार के वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने साल 2024-25 बिहार आर्थिक सर्वेक्षण डाटा को जारी किया. इसके अनुसार बिहार प्रगति के पथ पर धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. सीमांचल का हर जिला भी आगे बढ़ रहा है लेकिन पटना में जिस तरह की आमदनी लोगों के पास है, वह आमदनी पूर्णिया के लोगों के पास नहीं है,. इसी तरह पूर्णिया में लोगों की जितनी आमदनी है, उतनी आमदनी किशनगंज के लोग लाख जद्दोजहद के बाद भी नहीं कमा पा रहे। इस खाई को पाटना जरूरी है। जब तक इस अंतर को खत्म नहीं कर पाएंगे, तब तक असली विकास हम से कोसों दूर है.
इस आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार बिहार के सीमांचल क्षेत्र में दो एक्सप्रेस-वे का निर्माण किया जा रहा है।. इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से निसंदेह सीमांचल में विकास की गाड़ी तेज गति से दौड़ सकेगी.।
पहला एक्सप्रेस वे है- गोरखपुर से सिलीगुड़ी जो उत्तर प्रदेश, बिहार और बंगाल होकर गुजरेगी। यह सड़क गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज होते हुए सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी। कहा जा रहा है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से यात्रा का समय 6 घंटे घट जाएगा. अभी यह दूरी तय करने में 12 से 13 घंटे का समय लगता है, इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण के बाद महल 5 से 7 घंटे का समय लगेगा.
सीमांचल को दूसरा एक्सप्रेस-वे पटना पूर्णिया के रूप में मिला है. यह सड़क पटना से डायरेक्ट पूर्णिया आने-जाने के लिए लोगों के लिए मददगार साबित होगी। यह सड़क पटना के बाद सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जिले से होकर गुजरेगी. अभी पटना से पूर्णिया की दूरी 377 किलोमीटर है, जो इस नए रोड के निर्माण के बाद घटकर 269 किलोमीटर रह जाएगी।. नई सड़क से मात्र तीन से चार घंटे में लोग पटना आ जा सकेंगे। इस सड़क की मदद से आप बिहार में प्रस्तावित 6 एयरपोर्ट से जुड़ जायेंगे।.
इस बार के बजट में पूर्णिया एयरपोर्ट को लेकर बड़ा ऐलान किया गया है और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने दावा किया है कि 3 महीने के अंदर विमान परिचालन को शुरू कर दिया जाएगा। पूर्णिया एयरपोर्ट सीमांचल के लोगों के लिए न सिर्फ सपना है बल्कि इस क्षेत्र के विकास के लिए वरदान भी साबित होने वाला है.
कुल मिलाकर आप कह सकते हैं कि सीमांचल में विकास की गाड़ी भले देर से आई है, लेकिन दुरुस्त आई है। इसके साथ ही बिहार सरकार का यह भी दावा है कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज और हर अनुमंडल में डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। हम और आप जानते हैं कि आज भी सीमांचल क्षेत्र में लोगों को हायर एजुकेशन के लिए जिले से बाहर जाना होता है और उचित इलाज के लिए पटना या फिर सिलीगुड़ी का चक्कर लगाना होता है। हर जिले में अगर सरकारी या गैर सरकारी मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे तो निसंदेह लोगों को लाभ होगा |.
इस चुनावी साल में बजट सत्र के दौरान बड़े-बड़े ऐलान किए गए हैं लेकिन लोकतंत्र में जनता को प्रहरी बनकर काम करना होता है। जो अच्छा काम करें ऐसे जनप्रतिनिधि को चुनना होता है। जो अपने क्षेत्र और वहां के लोगों के लिए काम ना करें, उससे दूरी बनाना होता है और जात और धर्म से ऊपर उठकर अच्छे प्रत्याशी के लिए वोट करना होता है। अगर हम और आप ऐसा करेंगे तो निसंदेह पटना और पूर्णिया के बीच का अंतर और पूर्णिया से किशनगंज के बीच का अंतर अपने आप समाप्त हो जाएगा।
अंत में... नए अंक के साथ हम एक बार फिर से आपके समक्ष हाजिर है। आप सब ने अब तक जो प्यार दुलार दिया आशा करते हैं आगे भी साथ बना रहेगा। आपको पत्रिका का यह अंक कैसा लगा, हमें मेल कर जरूर बताएं।
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