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उत्तर दिनाजपुर: चोपड़ा चाय बागान पहुंचे केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, श्रमिकों के रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर की बड़ी बैठक

  • mdkashif3300
  • 1 day ago
  • 3 min read





उत्तर दिनाजपुर: चोपड़ा चाय बागान पहुंचे केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर, श्रमिकों के रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा पर की बड़ी बैठक


बिहार के सीमावर्ती पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा इलाके में चाय बागान श्रमिकों के विकास और जनकल्याण को लेकर एक नई उम्मीद जगी है। भारत सरकार के केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने चोपड़ा क्षेत्र के विभिन्न चाय बागानों का विस्तृत दौरा किया। इस दौरे के दौरान उन्होंने चाय बागान में काम करने वाले मजदूरों के जीवन स्तर, उनकी दैनिक समस्याओं, रोजगार की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और बच्चों की शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों की जमीनी स्तर पर गहन समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री के इस महत्वपूर्ण दौरे को स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों द्वारा इस पिछड़े इलाके के विकास के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।


चोपड़ा क्षेत्र का भौगोलिक और आर्थिक महत्व

चोपड़ा विधानसभा क्षेत्र उत्तर दिनाजपुर जिले का एक प्रमुख हिस्सा है, जो बिहार के किशनगंज जिले की सीमा से सटा हुआ है। दार्जिलिंग और डुआर्स की तरह चोपड़ा में भी बड़ी संख्या में चाय बागान हैं, जहाँ हजारों की संख्या में आदिवासी और स्थानीय श्रमिक दैनिक मजदूरी पर काम करते हैं। यहाँ का चाय उद्योग स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। लेकिन लंबे समय से यह शिकायत रही है कि चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों को बुनियादी सुविधाएं भी मयस्सर नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में केंद्रीय मंत्री का खुद चाय बागानों में जाकर श्रमिकों से संवाद करना उनके प्रति केंद्र सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।


श्रमिकों ने मंत्री के सामने रखीं वर्षों पुरानी मांगें

दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर ने चाय बागानों में काम कर रहे पुरुष और महिला मजदूरों से सीधे बातचीत की। श्रमिकों के प्रतिनिधियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंत्री के समक्ष एक मांग पत्र सौंपा, जिसमें वर्षों से लंबित पड़ी मांगों और समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया था।


श्रमिकों ने मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को रेखांकित किया:

1. रोजगार की स्थिरता और उचित न्यूनतम मजदूरी की कमी।

2. चाय बागान क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) की अनुपलब्धता और एम्बुलेंस सेवाओं का न होना।

3. बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए स्कूलों और कॉलेजों की कमी।

4. पीने के साफ पानी, पक्के मकान और स्वच्छता (शौचालय) जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव।


अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक, योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

दौरे के बाद केंद्रीय मंत्री राम नाथ ठाकुर ने स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों, चाय बागान मालिकों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्री ने निर्देश दिया कि केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और जल जीवन मिशन का लाभ चाय बागान के हर एक श्रमिक तक बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा, "विकास की सार्थकता तभी है जब देश के विकास का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और मेहनतकश मजदूर वर्ग तक सीधे पहुंचे।"


श्रमिकों का कल्याण केंद्र सरकार की प्राथमिकता

इस अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर (जो भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के पुत्र और जदयू के वरिष्ठ नेता हैं) ने कहा, "चाय बागान क्षेत्रों का समग्र विकास और वहाँ काम करने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार करना हमारी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। हम इन श्रमिकों के रोजगार के अवसरों को और अधिक सुरक्षित और विस्तृत बनाने के लिए नीतिगत प्रयास कर रहे हैं। यहाँ की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके त्वरित समाधान के लिए ही यह जमीनी समीक्षा की जा रही है।"


चोपड़ा और सीमावर्ती किशनगंज में खुशी का माहौल

केंद्रीय मंत्री के इस दौरे से चोपड़ा और उससे सटे किशनगंज के सीमावर्ती इलाकों में उत्साह का माहौल है, क्योंकि किशनगंज में भी चाय की खेती बड़े पैमाने पर होती है और वहाँ के मजदूर भी इसी तरह की समस्याओं का सामना करते हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि राम नाथ ठाकुर की इस पहल से आने वाले दिनों में चाय बागान श्रमिकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और केंद्र सरकार की ओर से चाय उद्योग व श्रमिकों के कल्याण के लिए किसी विशेष पैकेज या योजना की घोषणा हो सकती है।

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