सीतामढ़ी में 12 वर्षीय मोहम्मद तौफीक की हत्या पर उबाल: चोरौत के भंटाबारी गांव पहुंचा राजद प्रतिनिधिमंडल, पीड़ित परिवार के लिए 50 लाख के मुआवजे की मांग


बिहार के सीतामढ़ी (Sitamarhi) जिले के चोरौत थाना अंतर्गत भंटाबारी गांव में एक 12 वर्षीय मासूम बच्चे मोहम्मद तौफीक (Mohammad Taufiq) की हुई निर्मम हत्या के मामले ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। मासूम की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को कब्रिस्तान में फेंक दिए जाने की घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा आक्रोश और भारी दहशत व्याप्त है। भंटाबारी गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। इसी संवेदनशील मामले को लेकर आज राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के सीधे निर्देश पर पीड़ित परिवार से मिलने भंटाबारी गांव पहुंचा।
★ पीड़ित परिवार के आँसू देख भावुक हुए राजद नेता
प्रतिनिधिमंडल में शामिल राजद के वरिष्ठ नेताओं ने मृतक मोहम्मद तौफीक के घर जाकर उसके शोक संतप्त माता-पिता और परिजनों से मुलाकात की। मासूम के खोने के गम में पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। राजद नेताओं ने पीड़ित परिवार का हाथ थामकर उन्हें सांत्वना दी और विश्वास दिलाया कि वे न्याय की इस कठिन लड़ाई में अंतिम समय तक उनके साथ खड़े रहेंगे। प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय निवासियों से भी बातचीत की, जिन्होंने इस हत्याकांड को लचर पुलिसिया गश्त और कानून-व्यवस्था की विफलता का परिणाम बताया।
★ बिहार में अपराधियों का बोलबाला: राजद प्रतिनिधिमंडल
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राजद नेताओं ने नीतीश सरकार के कानून-व्यवस्था के दावों की धज्जियां उड़ाईं। उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का मनोबल इस कदर बढ़ गया है कि अब 12 साल के मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं। दिनदहाड़े या रात के अंधेरे में हत्या कर शवों को सार्वजनिक स्थानों पर फेंक दिया जा रहा है और पुलिस प्रशासन केवल मूकदर्शक बना हुआ है। राजद प्रतिनिधिमंडल ने इसे सूबे में 'महा जंगलराज' का जीवंत उदाहरण बताया।
★ 50 लाख रुपये का मुआवजा और निष्पक्ष जांच की मांग
राजद प्रतिनिधिमंडल ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन से इस जघन्य हत्याकांड के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की है:
1. उचित मुआवजा: पीड़ित परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें सरकार की ओर से तुरंत 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाए।
2. त्वरित सुनवाई (Speedy Trial): मामले की जांच एक विशेष पुलिस टीम (SIT) से कराते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाए और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
3. नफरत की राजनीति पर प्रहार: राजद नेताओं ने आरोप लगाया कि देश और राज्य में फैलाई जा रही नफरत और सांप्रदायिक उन्माद की राजनीति ने सामाजिक सौहार्द को खत्म कर दिया है, जिसके कारण भीड़-तंत्र और हिंसक मानसिकता को बढ़ावा मिल रहा है।
★ प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे प्रमुख नेता व कार्यकर्ता
मासूम तौफीक के परिजनों से मिलने पहुंचे राजद के इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से युवा राजद के जिलाध्यक्ष रौशन यादव, राजद के वरिष्ठ नेता आफताब अहमद उर्फ मिंटू, पूपरी नगर अध्यक्ष मनोज यादव, युवा नेता इश्तेयाक आलम, राजीव पासवान, मोहम्मद रब्बानी, इसरारुल हक पप्पू, लालू यादव, और मोहम्मद कौसर समेत बड़ी संख्या में स्थानीय पार्टी पदाधिकारी और सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीण उपस्थित रहे। फिलहाल, चोरौत थाना पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है और गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
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