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सीमांचल में मौसम का दोहरा मिजाज: किशनगंज, ठाकुरगंज और बहादुरगंज में सुबह उमस और चिलचिलाती धूप, दोपहर बाद तेज बारिश व वज्रपात का अलर्ट

  • mdkashif3300
  • 6 days ago
  • 2 min read





सीमांचल में मौसम के दो रंग: किशनगंज, ठाकुरगंज और बहादुरगंज में सुबह उमस व धूप, दोपहर बाद बारिश की उम्मीद


किशनगंज:

बिहार के सीमांचल क्षेत्र में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। किशनगंज, ठाकुरगंज और बहादुरगंज के इलाकों में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिले। जहाँ सुबह की शुरुआत आसमान से बरसती आग, चिलचिलाती धूप और भारी उमस के साथ हुई, वहीं दोपहर ढलने के साथ ही मौसम के करवट लेने के आसार बन गए हैं। सुबह के वक्त वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी के कारण उमस से आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा और लोग सुबह से ही पसीने से तर-बतर दिखे।


तापमान में भारी बढ़ोतरी, उमस ने बढ़ाई परेशानी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दिन चढ़ने के साथ ही सीमांचल के विभिन्न इलाकों के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बहादुरगंज में सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने की संभावना है, जिससे दोपहर के समय कड़ाके की गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं जिला मुख्यालय किशनगंज में 35 डिग्री सेल्सियस और ठाकुरगंज इलाके में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक रहने की उम्मीद है।


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी की ओर से आ रही नमी युक्त हवाओं के कारण वातावरण में ह्यूमिडिटी (आर्द्रता) का स्तर बहुत बढ़ गया है। यही वजह है कि वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी और चिपचिपी उमस महसूस हो रही है।


दोपहर बाद बदलेगा मौसम, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना

गर्मी और उमस की मार झेल रहे सीमांचल वासियों के लिए राहत की खबर भी है। मौसम विभाग के अनुसार, दोपहर बाद आसमान में बादलों का आना-जाना शुरू हो जाएगा और कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज की जा सकती है। इसके साथ ही अगले तीन से चार दिनों तक सीमांचल के इन तीनों प्रमुख इलाकों में रुक-रुक कर प्री-मानसून और मानसूनी बारिश के सक्रिय रहने के प्रबल संकेत मिल रहे हैं, जिससे वातावरण में ठंडक घुलेगी और तापमान में गिरावट आएगी।


वज्रपात से बचाव के लिए मौसम विभाग की सख्त हिदायत

मौसम के बदलते मिजाज के बीच मौसम विभाग ने बिजली गिरने (वज्रपात) की आशंका को लेकर भी चेतावनी जारी की है। किसानों को विशेष रूप से हिदायत दी गई है कि जब भी आसमान में बादल गरजें या बारिश की शुरुआत हो, तो वे खेतों में काम करना तुरंत बंद कर दें। वज्रपात के समय किसी भी हाल में खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या बिजली के खंभों के पास शरण न लें, क्योंकि इन स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का सबसे अधिक खतरा होता है। सुरक्षित कंक्रीट की छतों के नीचे शरण लेना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।


बदलते मौसम में डॉक्टर दे रहे हैं स्वास्थ्य सलाह

लगातार बदल रहे मौसम और अत्यधिक उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा सबसे ज्यादा होता है। इसलिए घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी, नींबू पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को इस चिलचिलाती धूप और उमस से बचाकर रखें और उन्हें सीधे धूप के संपर्क में न आने दें।

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