बिहार-झारखंड में सियासी घमासान: राज्यसभा चुनाव में प्रणव झा की हार पर पप्पू यादव का हमला; बेगूसराय गैंगरेप और भरत तिवारी एनकाउंटर पर उठाए तीखे सवाल
झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद बिहार और झारखंड दोनों राज्यों की सियासत में जबरदस्त घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की करारी हार और सहयोगियों द्वारा क्रॉस वोटिंग (Cross Voting) किए जाने के आरोपों ने महागठबंधन की आंतरिक एकजुटता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। इस सियासी घमासान और आरोप-प्रत्यारोप के बीच, पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने कई मुद्दों पर अत्यंत आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने राज्यसभा चुनाव से लेकर बेगूसराय गैंगरेप और आरा के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर तीखे सवाल उठाकर बिहार की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।
★ राज्यसभा चुनाव में प्रणव झा की हार और गठबंधन में दरार
झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार प्रणव झा की पराजय के बाद महागठबंधन के खेमे में भूचाल आ गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सहयोगी दलों (झामुमो व राजद) के कुछ विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर विपक्षी खेमे में मतदान किया। हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कुछ नेताओं ने दबी जुबान में यहाँ तक कह दिया है कि यदि सहयोगी दल एक-दूसरे की जीत सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो इस बेमेल गठबंधन की नए सिरे से समीक्षा की जानी चाहिए। इस बयान ने कांग्रेस और राजद के बीच के कड़वे रिश्तों को उजागर कर दिया है।
★ पप्पू यादव की तीखी प्रतिक्रिया: "जनता के मुद्दों से ध्यान भटका रहे दल"
इन सियासी गतिविधियों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने राजनीतिक दलों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज तमाम राजनीतिक दल केवल सत्ता हथियाने और गणित बिठाने के खेल में लगे हुए हैं। उन्हें जनता के वास्तविक मुद्दों जैसे बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई और कानून व्यवस्था से कोई सरोकार नहीं रह गया है। उन्होंने मांग की कि इस अव्यवस्था पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को जनता के सामने जवाबदेह होना चाहिए।
★ बेगूसराय गैंगरेप कांड: महिला सुरक्षा पर सिर्फ बयानबाजी क्यों?
बिहार के बेगूसराय जिले में एक महिला के साथ हुए वीभत्स सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की घटना ने पूरे सूबे को शर्मसार कर दिया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। सांसद पप्पू यादव ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा भगवान भरोसे है। सरकार केवल बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन धरातल पर आधी आबादी के लिए भयमुक्त माहौल बनाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने स्पीडी ट्रायल चलाकर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा देने की मांग की।
★ भारत तिवारी एनकाउंटर पर भाजपा नेताओं के उठते सवाल
वही आरा में हुए कथित एनकाउंटर में मारे गए युवक भारत तिवारी (Bharat Tiwari) के मामले ने बिहार की कानून-व्यवस्था की बहस को और तेज कर दिया है। पीड़ित परिवार और स्थानीय निवासियों का सीधा आरोप है कि पुलिस ने सरेंडर करने के बावजूद भारत तिवारी की फर्जी मुठभेड़ में हत्या कर दी। इस घटना के विरोध में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस एनकाउंटर पर केवल विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने गृह विभाग से मांग की है कि यदि पुलिस की प्रक्रिया में कहीं भी कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर सच को जनता के सामने लाया जाना चाहिए।
★ कानून व्यवस्था बनाम सियासी गणित
एक तरफ जहाँ राज्यसभा चुनाव में हार के बाद गठबंधन की दरारें चौड़ी हो रही हैं, वहीं बेगूसराय गैंगरेप और कथित फर्जी एनकाउंटर जैसे गंभीर मामलों ने बिहार के प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह विभाग इन उठते सवालों पर क्या कार्रवाई करता है, और महागठबंधन के दल अपनी अंदरूनी कलह से निपटकर जनता के मुद्दों पर कैसे एकजुट हो पाते हैं।
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