किशनगंज: सुखानी थाना का एसपी संतोष कुमार ने किया वार्षिक निरीक्षण, लंबित कांडों के निष्पादन और गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश
- mdkashif3300
- 1 day ago
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किशनगंज: सुखानी थाना का एसपी संतोष कुमार ने किया वार्षिक निरीक्षण, लंबित कांडों के निष्पादन और गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश
बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जन-हितैषी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में किशनगंज जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार ने मंगलवार को सुखानी थाना का वार्षिक निरीक्षण किया। पुलिस कप्तान के सुखानी थाना पहुंचने पर वहां तैनात पुलिस बल के जवानों ने उन्हें पारंपरिक तरीके से 'गार्ड ऑफ ऑनर' देकर सम्मानित किया। इसके बाद एसपी ने थाना परिसर, थाना सिरिस्ता (कार्यालय), बैरक, मालखाना और विभिन्न अभिलेखों का बारीकी से गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और संवेदनशील बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
थाना सिरिस्ता और अभिलेखों की गहन समीक्षा
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने सुखानी थाना के सिरिस्ता में संधारित विभिन्न महत्वपूर्ण पंजियों और अभिलेखों की गहन समीक्षा की। उन्होंने गुंडा पंजी, एफआईआर रजिस्टर, स्टेशन डायरी, वारंट तामिला रजिस्टर और फरार अपराधियों की सूची का बारीकी से मिलान किया। एसपी ने थानाध्यक्ष को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि थाने के सभी रिकॉर्ड्स नियमित रूप से अपडेट रखे जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजियों का संधारण पूरी पारदर्शिता के साथ समय सीमा के भीतर होना चाहिए। अभिलेखों के रख-रखाव में किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
फरियादियों के प्रति संवेदनशीलता और त्वरित सुनवाई
एसपी संतोष कुमार ने अपने निरीक्षण में इस बात पर विशेष जोर दिया कि थाने आने वाले हर पीड़ित और फरियादी को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा, "थाना स्तर पर लोगों को त्वरित और संवेदनशील पुलिस सेवा मिलनी चाहिए। जब भी कोई नागरिक अपनी शिकायत लेकर थाने आए, तो उसके साथ शिष्टतापूर्वक व्यवहार किया जाए और उसकी समस्या को बिना किसी देरी के दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाए।" एसपी ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और आपसी विश्वास को मजबूत करना पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
लंबित मामलों (कांडों) की समीक्षा और शीघ्र निष्पादन
थाने में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जांच अधिकारियों (अनुसंधानकर्ताओं) से एक-एक केस की प्रगति रिपोर्ट मांगी। एसपी ने निर्देश दिया कि जो मामले लंबे समय से पेंडिंग हैं, उनके अनुसंधान कार्यों में तेजी लाई जाए और उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी होना भी एक तरह का अन्याय है, इसलिए पुलिस को समय पर जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा और पीड़ितों को न्याय मिल सके। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए।
सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त और अपराध नियंत्रण
भौगोलिक दृष्टिकोण से सुखानी थाना क्षेत्र संवेदनशील और सीमावर्ती इलाका है। इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र में रात्रि और दिन की पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारत-नेपाल सीमा और पश्चिम बंगाल की सीमा के करीब होने के कारण इस क्षेत्र में असामाजिक तत्वों, शराब तस्करों और मवेशी चोरों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। एसपी ने संदिग्ध स्थानों पर नियमित वाहन चेकिंग अभियान चलाने और स्थानीय ग्राम रक्षा दलों के साथ समन्वय स्थापित कर सूचना तंत्र को मजबूत करने को कहा।
स्वच्छता और बैरक सुविधाओं का लिया जायजा
थाने की पुलिसिंग के साथ-साथ पुलिस कप्तान ने जवानों की कार्यदशा और जीवन स्तर का भी जायजा लिया। उन्होंने थाना परिसर, पुलिस बैरक, रसोई घर और शौचालय की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जवानों को रहने और खाने की अच्छी सुविधाएं मिलेंगी, तो वे अधिक ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ अपनी ड्यूटी कर सकेंगे। एसपी के आगमन को लेकर सुखानी थाना परिसर में दिनभर भारी हलचल देखी गई। इस अवसर पर थानाध्यक्ष के साथ-साथ सभी पुलिस अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
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