कटिहार रेलवे स्टेशन पर भारी बवाल: मद्य निषेध सिपाही परीक्षा के बाद छात्रों का हंगामा, राजधानी एक्सप्रेस के आगे ट्रैक पर उतरे परीक्षार्थी
कटिहार रेलवे स्टेशन पर मद्य निषेध सिपाही परीक्षार्थियों का भारी हंगामा, राजधानी एक्सप्रेस के आगे पटरी पर उतरे छात्र
कटिहार:
बिहार में आयोजित मद्य निषेध सिपाही भर्ती परीक्षा (Bihar Prohibition Constable Recruitment Exam) के समाप्त होते ही कटिहार रेलवे स्टेशन पर अभूतपूर्व अव्यवस्था और अफरा-तफरी का नजारा देखने को मिला। परीक्षा केंद्र से निकलकर अपने-अपने जिलों को लौटने की जल्दी में हजारों की संख्या में अभ्यर्थी एक साथ रेलवे स्टेशन पहुंच गए। स्टेशन परिसर, टिकट काउंटर, फुट ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्मों पर पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी।
इसी भीड़ के बीच प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर जब डिब्रूगढ़ से नई दिल्ली जाने वाली वीआईपी ट्रेन राजधानी एक्सप्रेस आकर रुकी, तो भीड़ बेकाबू हो गई। नाराज छात्रों ने ट्रेन के इंजन के सामने रेलवे ट्रैक पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने सरकार और रेल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि, मौके पर मुस्तैद रेल पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों ने सूझबूझ से छात्रों को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटाया, जिसके बाद राजधानी एक्सप्रेस को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
आखिर क्यों भड़का परीक्षार्थियों का गुस्सा?
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, कटिहार जंक्शन पर अचानक उमड़ी भीड़ के कारण चारों तरफ अव्यवस्था का माहौल बन गया था। तभी प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर राजधानी एक्सप्रेस पहुंची। यह देखकर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी ट्रेन में सवार होने के लिए दौड़ पड़े। चूंकि राजधानी एक्सप्रेस पूरी तरह से आरक्षित और वीआईपी श्रेणी की ट्रेन है, इसलिए वहां तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) के जवानों ने सुरक्षा कारणों से छात्रों को ट्रेन में चढ़ने से रोक दिया।
सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने पर छात्रों का गुस्सा भड़क उठा। गुस्साए परीक्षार्थी ट्रेन के इंजन के आगे रेलवे ट्रैक पर उतर गए और नारेबाजी करने लगे। छात्रों के ट्रैक पर लेट जाने के कारण करीब आधे घंटे तक स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही। बाद में रेल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को काफी समझाया और अतिरिक्त ट्रेनों का प्रबंध करने का आश्वासन दिया, तब जाकर छात्र ट्रैक से हटे।
प्रशासनिक लापरवाही और लचर भीड़ प्रबंधन
स्टेशन पर मौजूद अभ्यर्थियों ने रेलवे प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के लिए दूर-दराज के जिलों से हजारों की संख्या में छात्र कटिहार पहुंचे थे, लेकिन परीक्षा की समाप्ति के बाद उनके सुरक्षित आवागमन के लिए रेल प्रशासन द्वारा न तो पर्याप्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई और न ही किसी विशेष ट्रेन (Exam Special Train) का संचालन किया गया। नियमित ट्रेनों में भी अतिरिक्त जनरल कोच नहीं जोड़े गए।
छात्रों ने नाराजगी जताते हुए हाल ही में पटना के पाटलिपुत्र स्टेशन पर भीड़ के कारण हुई घटना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "जब सरकार और रेल विभाग को पता है कि लाखों छात्र परीक्षा देने आ रहे हैं, तो भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) की पहले से तैयारी क्यों नहीं की गई? हमें परीक्षा समाप्त होने के बाद घंटों भूखे-प्यासे स्टेशन पर भटकना पड़ रहा है, लेकिन हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है।" कई छात्रों ने बताया कि वे पीने के पानी और भोजन के लिए भी परेशान होते रहे क्योंकि स्टेशन पर मौजूद दुकानें अत्यधिक भीड़ के कारण बंद या ठप पड़ गई थीं।
भविष्य के लिए सबक
कटिहार स्टेशन की यह घटना एक बार फिर राज्य में आयोजित होने वाली बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान यातायात और भीड़ प्रबंधन की पोल खोलती है। जानकारों का कहना है कि जब भी राज्य स्तर पर कोई बड़ी परीक्षा आयोजित की जाए, तब परिवहन विभाग और रेलवे को मिलकर विशेष प्रबंध करने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की अव्यवस्था और सुरक्षा जोखिमों से बचा जा सके। फिलहाल रेल पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कटिहार स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है।



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