top of page

चोपड़ा में पीएम आवास योजना सर्वे में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल: भाजपा नेता पर लगा आरोप, टीएमसी की साजिश बताने पर गरमाई सियासत

  • mdkashif3300
  • 2 days ago
  • 3 min read

चोपड़ा में पीएम आवास योजना सर्वे में रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल: भाजपा नेता पर लगा आरोप, टीएमसी की साजिश बताने पर गरमाई सियासत


पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा ब्लॉक में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के सर्वे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम शामिल करने और भौतिक सत्यापन (सर्वे) के नाम पर गरीब ग्रामीणों से 500 और 1000 रुपये की रिश्वत (कट मनी) लेने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। इस वायरल वीडियो में एक स्थानीय भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता का नाम सामने आने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर बेहद तेज हो गया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है।


वायरल वीडियो में रिश्वतखोरी का दावा

सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में कुछ ग्रामीणों को यह कहते सुना जा सकता है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान की मंजूरी दिलाने और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में सर्वेक्षकों या उनके प्रतिनिधियों द्वारा कथित तौर पर ₹500 से लेकर ₹1000 तक की मांग की जा रही है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जो ग्रामीण यह राशि नहीं दे रहे हैं, उनके नाम सूची से काटने की धमकी दी जा रही है। इस वीडियो में भाजपा के स्थानीय नेता कमरुल हुड्डा का नाम भी घसीटा गया है, जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं।


बीजेपी नेता कमरुल हुड्डा ने आरोपों को नकारा, टीएमसी पर लगाया आरोप

वीडियो में नाम आने के बाद भाजपा नेता कमरुल हुड्डा ने तुरंत इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक बड़ी राजनीतिक साजिश करार दिया। कमरुल हुड्डा ने कहा, "यह वीडियो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की एक सोची-समझी साजिश है। चोपड़ा में भाजपा के बढ़ते जनाधार से घबराकर टीएमसी मेरा नाम बदनाम करने की कोशिश कर रही है।" उन्होंने दावा किया कि वे इस मामले की पूरी रिपोर्ट पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने रखेंगे और मानहानि के खिलाफ कानूनी सलाह भी लेंगे।


बीजेपी नेता शंकर अधिकारी ने की निष्पक्ष जांच की मांग

इस पूरे विवाद पर भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ स्थानीय नेता शंकर अधिकारी ने पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए एक संतुलित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ है। शंकर अधिकारी ने मांग की, "अगर इस वीडियो या पीएम आवास योजना के सर्वे में किसी भी भाजपा नेता या कार्यकर्ता की संलिप्तता के सबूत मिलते हैं, तो प्रशासन को इस मामले की पूरी तरह से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।"


पश्चिम बंगाल में 'आवास योजना' और 'कट मनी' का पुराना विवाद

पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना (जिसे राज्य में बांग्ला आवास योजना के रूप में भी प्रचारित किया गया) हमेशा से एक बेहद संवेदनशील मुद्दा रहा है। योजना के लाभार्थियों के चयन में भाई-भतीजावाद, अपात्र लोगों को मकान आवंटित करने और गरीबों से 'कट मनी' (रिश्वत) वसूलने के आरोप टीएमसी के स्थानीय नेताओं पर लगते रहे हैं। इस बार भाजपा नेता का नाम आने से टीएमसी को पलटवार करने का मौका मिल गया है। केंद्रीय फंड रोके जाने को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच जारी खींचतान के बीच इस तरह के वीडियो विवाद को और हवा दे रहे हैं।


प्रशासन की चुप्पी और जांच का इंतजार

इस पूरे मामले में चोपड़ा ब्लॉक प्रशासन या जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। स्थानीय ग्रामीणों और स्वयंसेवी संगठनों की मांग है कि ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) और पुलिस प्रशासन इस वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेते हुए एक निष्पक्ष जांच कमेटी का गठन करे। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक इसकी गहन जांच नहीं होगी, तब तक वास्तविक जरूरतमंदों को आवास योजना का लाभ मिलना कठिन होगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले पर क्या कदम उठाता है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page