बिहार में Flipkart से लाखों की ठगी: महंगे गैजेट्स मंगाकर बॉक्स में रख देते थे नकली सामान, डिलीवरी बॉय और मास्टरमाइंड 'सत्यकाम उर्फ किशु' समेत 5 गिरफ्तार
बिहार में ई-कॉमर्स फ्रॉड: रोहतास में फ्लिपकार्ट से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, समस्तीपुर के नेटवर्क से जुड़े तार
डेहरी/सासाराम:
बिहार में ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों और ई-कॉमर्स कंपनियों की सुरक्षा को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रोहतास जिला पुलिस ने एक बेहद शातिर और संगठित ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो देश की जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट (Flipkart) को रिटर्न पॉलिसी का फायदा उठाकर लाखों रुपये की आर्थिक चपत लगा रहा था। इस पूरे संगठित अपराध में फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय की भी मिलीभगत उजागर हुई है, जो असली सामान को गायब करने में अपराधियों की सीधे तौर पर मदद करता था।
कैसे काम करता था ठगी का यह मास्टर प्लान?
पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस गिरोह का काम करने का तरीका (Modus Operandi) काफी शातिर था। गिरोह के सदस्य फ्लिपकार्ट पर नकली पते और मोबाइल नंबरों का उपयोग करके महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, लैपटॉप और अन्य कीमती एसेसरीज का ऑर्डर करते थे। जब डिलीवरी बॉय वह सामान लेकर पहुंचता था, तो गिरोह के सदस्य पहले से तैयार डिलीवरी बॉय की मदद से बॉक्स को सावधानीपूर्वक खोल लेते थे।
बॉक्स खोलने के बाद वे असली कीमती सामान निकाल लेते थे और उसकी जगह बिल्कुल उसी वजन और हुलिए का नकली, लोकल या बेहद सस्ता सामान डिब्बे में रख देते थे। इसके बाद, डिलीवरी बॉय उस डिब्बे को 'ग्राहक द्वारा ऑर्डर स्वीकार न करने' या 'रिफंड/रिटर्न रिक्वेस्ट' के रूप में कंपनी को वापस भेज देता था। इस तरह, असली सामान गिरोह के पास रह जाता था और कंपनी के पास केवल मिट्टी या नकली उत्पाद पहुंचते थे।
फ्लिपकार्ट की शिकायत पर नगर थाना पुलिस ने की कार्रवाई
इस फ्रॉड का खुलासा तब हुआ जब फ्लिपकार्ट कंपनी के ऑडिट और सुरक्षा प्रबंधन को बार-बार डेहरी और सासाराम क्षेत्र से रिटर्न किए गए पैकेटों में नकली सामान मिलने की शिकायतें प्राप्त हुईं। कंपनी के प्रतिनिधियों द्वारा स्थानीय पुलिस से संपर्क किए जाने के बाद, नगर थाना पुलिस ने एक विशेष अनुसंधान दल का गठन किया। पुलिस ने संदिग्ध पतों और डिलीवरी बॉयज की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की, जिसके बाद पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह से जुड़े 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
समस्तीपुर का सत्यकाम उर्फ किशु था गिरोह का सरगना
पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के तार समस्तीपुर जिले से जुड़े हुए हैं। समस्तीपुर के कुछ तकनीकी रूप से सक्रिय युवक रोहतास के डेहरी और सासाराम क्षेत्रों में किराए के कमरे लेकर रह रहे थे और वहीं से इस ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।
इस पूरे रैकेट का मुख्य सरगना समस्तीपुर जिले के उजियारपुर का निवासी सत्यकाम उर्फ किशु बताया जा रहा है। सत्यकाम ही कंपनी की रिटर्न पॉलिसी की खामियों का अध्ययन करता था, नए पते अरेंज करता था और डिलीवरी बॉयज को लालच देकर इस अवैध धंधे में शामिल करता था।
लाखों के उपकरण और मोबाइल फोन बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के महंगे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, पैकेट सील करने वाले उपकरण, कई फर्जी सिम कार्ड और लाखों रुपये मूल्य का बदला हुआ इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह पिछले कई महीनों से रोहतास और आसपास के जिलों में सक्रिय था। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे अब तक कुल कितने लाख रुपये की ठगी कर चुके हैं और इस नेटवर्क में ई-कॉमर्स कंपनी के कौन-कौन से स्थानीय कर्मचारी शामिल हैं।
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