अवैध बालू खनन पर सख्ती: औरंगाबाद में मंत्री का बयान चर्चा में, जुबान फिसलने से मचा हल्का विवाद
Seemanchal Ki Awaz | Bihar News
औरंगाबाद से सीमांचल की आवाज ब्यूरो की रिपोर्ट:
Sand Mining Reward: औरंगाबाद में अवैध बालू खनन के खिलाफ अभियान के दौरान बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का इनाम राशि पर बयान चर्चा में है। मंत्री द्वारा गलती से 5 हजार रुपये की जगह 50 हजार रुपये का इनाम कह देने से सोशल मीडिया पर हल्का विवाद खड़ा हो गया।
Aurangabad Sand Mining Reward: औरंगाबाद में अवैध बालू खनन और तस्करी के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच बिहार सरकार के खान एवं भूतत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी का एक बयान सुर्खियों में आ गया है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अवैध बालू ढोने वाले वाहनों की फोटो और वीडियो बनाकर विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
जनभागीदारी पर जोर, सबूत के आधार पर कार्रवाई: मंत्री ने कहा कि अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि माइनिंग विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस मिलकर लगातार कार्रवाई कर रहे हैं, लेकिन ठोस सबूतों के बिना कार्रवाई संभव नहीं होती। उन्होंने लोगों से यह भी अपील की कि वे किसी भी अवैध बालू लदे वाहन को खुद रोकने की कोशिश न करें, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। इसके बजाय केवल फोटो या वीडियो सबूत के रूप में भेजें, ताकि प्रशासन कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सके।
इनाम राशि पर बयान से मचा हल्का विवाद: कार्यक्रम के दौरान मंत्री की जुबान फिसलने से एक अलग ही चर्चा शुरू हो गई। उन्होंने अवैध बालू लदे वाहनों की सूचना देने वालों के लिए पहले 5 हजार रुपये की जगह 50 हजार रुपये इनाम की घोषणा कर दी, जिससे मौके पर मौजूद लोग भी कुछ क्षणों के लिए हैरान रह गए। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।
बाद में विभागीय अधिकारियों द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि सरकार की ओर से प्रस्तावित प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये ही है, और "50 हजार" वाला बयान केवल एक जुबान फिसलने (Slip of tongue) की वजह से कहा गया था।
अवैध खनन पर सरकार का सख्त रुख: मंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य अवैध बालू खनन पर पूरी तरह रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूरा मामला एक ओर अवैध खनन के खिलाफ सरकार की सख्त नीति को दर्शाता है, तो दूसरी ओर मंत्री के बयान की जुबान फिसलने ने इसे सोशल मीडिया पर चर्चित बना दिया है। फिलहाल प्रशासन इस अभियान में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रहा है, ताकि अवैध बालू कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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