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कटिहार में पारामेडिकल छात्रों का बड़ा हंगामा: हॉस्टल में बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर DM दफ्तर के बाहर प्रदर्शन, डीएम आशुतोष द्विवेदी ने दिया आश्वासन

mdkashif3300
Jun 22
2 min read

बिहार के कटिहार (Katihar) जिले में सोमवार को स्वास्थ्य विभाग और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ पारामेडिकल (Paramedical) छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा। अपने छात्रावास (Hostel) में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज दर्जनों छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी और उमस के बीच कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और जिला पदाधिकारी (DM) के कार्यालय के समीप धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समस्याओं के समाधान के लिए सीधे जिलाधिकारी से मुलाकात करने की जिद पर अड़ गए।


★ आधे घंटे के प्रदर्शन के बाद हरकत में आया प्रशासन

भीषण गर्मी में कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार के समीप छात्रों के धरने पर बैठने और भारी शोर-शराबे की सूचना जैसे ही जिला प्रशासन को मिली, वैसे ही प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी (Ashutosh Dwivedi) ने तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए मातहत अधिकारियों को प्रदर्शनकारी छात्रों से वार्ता करने के लिए भेजा। मौके पर पहुंचे अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने छात्रों को शांत कराया, उनकी मांगें सुनीं और बाद में छात्रों के एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को डीएम से सीधे वार्ता के लिए उनके चैंबर में ले जाया गया।


★ छात्रावासों में सौतेले व्यवहार और भेदभाव का आरोप

जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन पर गंभीर भेदभाव का आरोप लगाया। छात्रों ने बताया कि कॉलेज के अन्य छात्रावासों में पीने के लिए आरओ वाटर मशीन (RO Water), शौचालय की नियमित साफ-सफाई, स्वच्छता और पठन-पाठन के लिए पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की उचित व्यवस्था की गई है। इसके विपरीत, उनके हॉस्टल में पीने का साफ पानी तक उपलब्ध नहीं है, शौचालय अत्यधिक गंदे हैं और शिक्षकों की भारी कमी है, जिससे उनका शैक्षणिक भविष्य अंधकारमय हो रहा है।


★ डीएम आशुतोष द्विवेदी ने दिया ठोस आश्वासन

छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बाद जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बेहद संवेदनशील रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही सिविल सर्जन और संबंधित कॉलेज के प्राचार्य को टेलीफोन कर जमकर फटकार लगाई। उन्होंने छात्रों को आश्वस्त किया कि छात्रावास में पेयजल और सफाई से जुड़ी बुनियादी समस्याओं का समाधान अगले 24 से 48 घंटों के भीतर कर दिया जाएगा। साथ ही, शिक्षकों की कमी और अन्य ढांचागत मांगों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों से पत्राचार कर जल्द से जल्द पूरा कराया जाएगा।


★ समाधान न होने पर दोबारा आंदोलन की चेतावनी

जिलाधिकारी के सकारात्मक और लिखित आश्वासन के बाद छात्रों ने अपना धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया और कॉलेज लौट गए। हालांकि, छात्र नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे डीएम के आश्वासन का सम्मान करते हुए फिलहाल आंदोलन स्थगित कर रहे हैं। यदि तय समय सीमा के भीतर हॉस्टल की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और बुनियादी सुविधाएं नहीं दी गईं, तो वे पुनः कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन तालाबंदी व आंदोलन के लिए विवश होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

 
 
 

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