पूर्णिया के लाइन बाजार में प्रसव के बाद महिला की संदेहास्पद मौत: डॉक्टर और स्टाफ क्लिनिक छोड़ भागे, परिजनों का भारी हंगामा
- mdkashif3300
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पूर्णिया के लाइन बाजार में प्रसव के बाद महिला की संदेहास्पद मौत: डॉक्टर और स्टाफ क्लिनिक छोड़ भागे, परिजनों का भारी हंगामा
सीमांचल के सबसे बड़े मेडिकल हब के रूप में प्रसिद्ध पूर्णिया के लाइन बाजार इलाके में एक बार फिर चिकित्सकीय लापरवाही (Medical Negligence) का एक बेहद गंभीर और दुखद मामला सामने आया है। यहाँ एक निजी क्लिनिक में प्रसव (डिलीवरी) के बाद एक नवप्रसूता महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला ने ऑपरेशन (सिजेरियन) के जरिए एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया था, लेकिन प्रसव के कुछ ही घंटों बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद डॉक्टर और क्लिनिक के सभी कर्मचारी क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए, जिससे आक्रोशित परिजनों ने क्लिनिक में जमकर हंगामा किया। नवजात बच्चा सुरक्षित है, लेकिन उसके सिर से जन्म लेते ही मां का साया उठ गया है।
महाराजपुर की गुड़िया कुमारी के रूप में हुई पहचान
मृतक महिला की पहचान पूर्णिया पूर्व प्रखंड के अंतर्गत महाराजपुर गांव निवासी राहुल कुमार की पत्नी गुड़िया कुमारी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि गुड़िया को प्रसव पीड़ा होने के बाद मंगलवार सुबह लाइन बाजार स्थित एक निजी नर्सिंग होम/क्लिनिक में भर्ती कराया गया था। दोपहर के समय डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि सिजेरियन ऑपरेशन करना पड़ेगा। ऑपरेशन के बाद गुड़िया ने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया, जिससे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई थी। डॉक्टरों ने उस समय जच्चा-बच्चा दोनों को खतरे से बाहर बताया था।
रात में बिगड़ी तबीयत, क्लिनिक में नहीं था कोई डॉक्टर
खुशी का यह माहौल कुछ ही घंटों में मातम में बदल गया। मृतका के पति राहुल कुमार ने आरोप लगाया कि देर रात अचानक गुड़िया की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे सांस लेने में तकलीफ और तेज दर्द होने लगा। राहुल का कहना है, "जब मेरी पत्नी तड़प रही थी, तो मैंने तुरंत ड्यूटी पर मौजूद नर्सों को बुलाया। क्लिनिक में उस समय ऑपरेशन करने वाली डॉक्टर साहिबा मौजूद नहीं थीं और न ही कोई अन्य योग्य डॉक्टर था। वहां केवल अपरिपक्व कंपाउंडर और नर्सें थीं, जो स्थिति को संभालने में असमर्थ थीं।" गंभीर हालत में समय पर सही इलाज न मिलने के कारण गुड़िया ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
मौत के बाद क्लिनिक बंद कर भागे डॉक्टर और स्टाफ
परिजनों का आरोप है कि जैसे ही क्लिनिक के कर्मचारियों को यह अहसास हुआ कि महिला की मौत हो चुकी है, उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। पीड़ित परिवार को सांत्वना देने या आपातकालीन एम्बुलेंस बुलाने के बजाय, ऑपरेटिंग डॉक्टर और क्लिनिक के सभी नर्सिंग व हाउसकीपिंग स्टाफ चुपके से क्लिनिक की लाइटें बंद कर वहां से फरार हो गए। जब परिजनों ने देखा कि मरीज मृत पड़ी है और क्लिनिक में कोई कर्मचारी नहीं है, तो उनका गुस्सा भड़क उठा।
परिजनों का हंगामा, कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची
हताश और क्रोधित परिजनों ने नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया और न्याय की मांग करने लगे। लाइन बाजार जैसे व्यस्त इलाके के क्लिनिक में हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय सदर थाना समेत कई अन्य थानों की पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) पूर्णिया भेज दिया है।
लाइन बाजार के निजी नर्सिंग होम पर उठते सवाल
पूर्णिया का लाइन बाजार इलाका पूरे सीमांचल (कटिहार, अररिया, किशनगंज) और पड़ोसी देश नेपाल तक के मरीजों के इलाज का मुख्य केंद्र है। लेकिन यहाँ आए दिन निजी क्लिनिकों में बिना योग्यता वाले डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन करने, अप्रशिक्षित स्टाफ रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अकेला छोड़ देने की शिकायतें आती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने सिविल सर्जन से मांग की है कि ऐसे अवैध और लापरवाह नर्सिंग होम के खिलाफ कड़ी जांच होनी चाहिए और उनका लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद और परिजनों के लिखित आवेदन के आधार पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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