किशनगंज: टेढ़ागाछ थाना में गूंजी बाल श्रम मुक्त समाज की शपथ, पुलिसकर्मियों ने लिया बच्चों के अधिकार रक्षा का संकल्प
- mdkashif3300
- Jun 12
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किशनगंज: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर शुक्रवार को किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ थाना परिसर में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर एक विशेष शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने थाना के सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को बाल श्रम के खिलाफ जागरूकता फैलाने तथा बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने की शपथ दिलाई।
14 वर्ष से कम आयु के बच्चों से काम न कराने का लिया संकल्प
शपथ ग्रहण के दौरान सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों ने यह संकल्प लिया कि 14 वर्ष से कम आयु के किसी भी बच्चे से श्रम कार्य नहीं कराया जाएगा और न ही किसी भी रूप में बाल श्रम को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही, समाज में इस कुप्रथा के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के लिए पुलिस बल ने बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया।
बाल श्रम बच्चों के मौलिक अधिकारों का गंभीर उल्लंघन
अपर थानाध्यक्ष रितेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि, "बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। इससे न केवल बच्चों का बचपन छिनता है, बल्कि उनकी शिक्षा और बेहतर भविष्य भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं।" उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि देश के हर जागरूक नागरिक की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह बाल श्रम जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाए और बच्चों को एक सुरक्षित एवं शिक्षित वातावरण प्रदान करने में सहयोग करे।
कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर चर्चा
कार्यक्रम में मौजूद पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों ने यह भी शपथ ली कि वे पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ राज्य एवं देश को बाल श्रम मुक्त बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे। इस दौरान बाल श्रम उन्मूलन से जुड़े विभिन्न कानूनी अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम के सामाजिक पहलुओं पर भी विशेष चर्चा की गई।
जनता से पुलिस की अपील: तुरंत दें सूचना
पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उनके आस-पास कहीं भी बाल श्रम की घटना हो रही हो या किसी छोटे बच्चे से व्यावसायिक स्थानों (होटल, गैरेज, दुकानों) पर काम कराए जाने की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या संबंधित बाल संरक्षण विभाग को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में बाल श्रम के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना तथा एक जिम्मेदार समाज का निर्माण करना था।
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