Bihar Breaking: हाजीपुर सदर अस्पताल गेट पर कचरे में मिला नवजात का शव
- PRIYANKA ROY

- Jan 6
- 2 min read
Bihar Breaking: बिहार के वैशाली जिले के हाजीपुर से इंसानियत को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां सदर अस्पताल गेट के पास रखे कचरे के ढेर में एक नवजात शिशु का शव मिलने से हड़कंप मच गया। इस दर्दनाक घटना ने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि पुलिस और स्वास्थ्य प्रशासन की संवेदनहीनता को भी उजागर कर दिया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हर दिन की तरह सुबह लोग सदर अस्पताल गेट के पास चाय की चुस्कियां ले रहे थे। इसी दौरान एक महिला वहां आई और कचरे के ढेर में कुछ फेंक कर चली गई। कुछ ही देर बाद वहां पहुंचे आवारा कुत्तों ने कचरे को उलटना शुरू किया और देखते ही देखते एक कुत्ता नवजात शिशु का शव मुंह में दबाकर सड़क पर बैठ गया और उसे नोचने लगा। बताया जा रहा है कि कुत्ते ने शिशु के एक पैर को बुरी तरह चबा लिया था।
यह खौफनाक मंजर देख स्थानीय दुकानदारों और चाय पी रहे लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने किसी तरह कुत्तों को भगाया, तब जाकर यह स्पष्ट हुआ कि कचरे में पड़ा हुआ वस्तु कोई और नहीं बल्कि एक नवजात बच्चे का शव है। घटना का वीडियो स्थानीय लोगों ने बनाना शुरू कर दिया और तत्काल पुलिस व अस्पताल प्रशासन को सूचना दी गई।
हैरान करने वाली बात यह रही कि घटनास्थल से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित नगर थाना पुलिस को मौके पर पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लग गया। वहीं दूसरी ओर, अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से नदारद नजर आया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि समय रहते पुलिस और प्रशासन पहुंच जाता तो स्थिति इतनी भयावह न होती।
स्थानीय दुकानदार राजा ने बताया कि एक महिला बोरी में कचरा लेकर आई थी और कचरे के ढेर में फेंक कर चली गई। कुछ ही देर बाद दो-तीन कुत्तों ने कचरा उलट-पुलट करना शुरू किया और नवजात के शव को बाहर निकाल कर खाने लगे। जब लोगों की नजर पड़ी तो कुत्तों को भगाया गया और पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक कोई नहीं पहुंचा। अंततः नगर परिषद की कचरा चुनने वाली टीम की मदद से शव को हटाया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाजीपुर में भ्रूण हत्या और अवैध प्रसव का धंधा खुलेआम चल रहा है। जिला प्रशासन भले ही भ्रूण हत्या रोकने के दावे करता हो, लेकिन यह सब महज कागजी कार्रवाई और दिखावा साबित हो रहा है। आरोप है कि हाजीपुर के कई निजी नर्सिंग होम अवैध रूप से भ्रूण हत्या और नवजात शिशुओं को ठिकाने लगाने का काम कर रहे हैं।
यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी सदर अस्पताल गेट के पास कचरे के ढेर में नवजात शिशुओं के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन हर बार प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। नतीजा यह है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और इंसानियत बार-बार शर्मसार हो रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब सदर अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान के गेट पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, तो प्रशासन आखिर कब जागेगा? क्या इस बार दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दफन हो जाएगा?
_edited.jpg)




Comments