रेलवे के 'अमृत काल' में ठाकुरगंज स्टेशन पर बदहाली: 2 घंटे खड़ी रही गरीब नवाज एक्सप्रेस, रात 3 बजे पानी और शौचालय को तरसते रहे यात्री

ठाकुरगंज (किशनगंज): एक ओर जहां भारतीय रेलवे देश भर में वंदे भारत, अमृत भारत स्टेशन योजना और विश्वस्तरीय डिजिटल सुविधाओं वाले अत्याधुनिक स्टेशनों का सप
ना दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर सीमांचल के महत्वपूर्ण ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन की तस्वीरें इन बड़े-बड़े दावों की जमीनी हकीकत पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। कटिहार रेल मंडल में चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग और ट्रैक मेंटेनेंस कार्यों के चलते रूट डायवर्जन के कारण अजमेर-दिल्ली से न्यू जलपाईगुड़ी जाने वाली गरीब नवाज एक्सप्रेस लगातार तीसरे दिन डायवर्ट होकर ठाकुरगंज स्टेशन पहुंची। लेकिन, जिस स्टेशन से लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें गुजारी जा रही हैं, वहां यात्रियों के लिए न तो पीने के पानी की व्यवस्था थी, न साफ शौचालय और न ही पर्याप्त रोशनी।
आधी रात को दो घंटे तक प्लेटफॉर्म पर मचा रहा हाहाकार
बताया जाता है कि शनिवार तड़के सुबह करीब 3:00 बजे गरीब नवाज एक्सप्रेस ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर आकर रुकी। कटिहार जंक्शन पर इंजन रिवर्सल और अन्य तकनीकी कारणों से ट्रेन को करीब दो घंटे तक ठाकुरगंज स्टेशन पर ही खड़ा रखा गया। रात के समय सफर कर रहे सैकड़ों यात्री जब पानी और शौचालय की बुनियादी जरूरतों के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरे, तो उन्हें घोर अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
गर्मी और प्यास से व्याकुल बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के नलों की तरफ दौड़े, लेकिन अधिकांश नल पूरी तरह से सूखे मिले। जो इक्का-दुक्का नल चालू हालत में थे, उनके पानी का रंग और बदबू इतनी खराब थी कि यात्रियों ने पानी की गुणवत्ता पर तीखे सवाल उठाए।
बंद शौचालयों ने बढ़ाई महिलाओं और बुजुर्गों की परेशानी
रेलवे यात्रियों को आधुनिक स्टेशन और 'अमृत स्टेशन' के तहत अपग्रेड करने की बातें करती है, लेकिन ठाकुरगंज स्टेशन पर आधी रात को यात्रियों को बंद पड़े या बेहद गंदे शौचालयों का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी महिला यात्रियों, छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हुई, जिन्हें दो घंटे तक ट्रेन के रुकने के बावजूद एक साफ और चालू शौचालय तक नसीब नहीं हो सका।
यात्रियों का आरोप था कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की घोषणाएं केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं। संकट के समय यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जा रही हैं।
अंधेरे में डूबा रहा स्टेशन: सुरक्षा पर खड़े हुए सवाल
यात्रियों ने शिकायत की कि ठाकुरगंज स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 और 3 के कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं थी। चारों तरफ फैले अंधेरे के कारण देर रात यात्रा कर रहे यात्रियों, विशेषकर अकेली महिला यात्रियों और बुजुर्गों के बीच सुरक्षा को लेकर काफी डर और चिंता का माहौल देखा गया। रेलवे सुरक्षा के बड़े दावों के बीच, पर्याप्त रोशनी न होना रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है।
स्थानीय रेल उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश
ठाकुरगंज के स्थानीय नागरिकों और रेल उपभोक्ताओं ने इस कुव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया है। स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि ठाकुरगंज सीमांचल क्षेत्र का एक बेहद महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। जब कटिहार रेल मंडल प्रशासन को यह भली-भांति ज्ञात था कि मेंटेनेंस वर्क के कारण डायवर्टेड ट्रेनों का परिचालन इसी मार्ग से होना है, तो यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को देखते हुए पानी, सफाई और रोशनी की व्यवस्था क्यों नहीं दुरुस्त की गई?
स्थानीय लोगों ने रेल मंत्रालय और कटिहार रेल मंडल प्रबंधक (DRM) से ठाकुरगंज स्टेशन पर शुद्ध पेयजल, सुचारू शौचालय, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और पैसेंजर वेटिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं को तत्काल बहाल करने की मांग की है।
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