top of page

रिशु श्री घोटाले पर गरजे RJD सांसद सुधाकर सिंह: आनंद किशोर को बताया 'सबसे बड़ा माफिया', 9 IAS अफसरों पर जांच की मांग

mdkashif3300
Jun 29
3 min read

रिशु श्री घोटाले पर गरजे RJD सांसद सुधाकर सिंह: आनंद किशोर को बताया 'सबसे बड़ा माफिया', 9 IAS अफसरों पर जांच की मांग


बिहार की सियासत में एक बार फिर नौकरशाही और भ्रष्टाचार के मुद्दों को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। राजधानी पटना में आयोजित एक सनसनीखेज प्रेस वार्ता के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता और सांसद सुधाकर सिंह ने तथाकथित 'रिशु श्री' निविदा (टेंडर) मामले को लेकर नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद सुधाकर सिंह ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि बिहार के शिक्षा विभाग में घोटालों और अनियमितताओं की शुरुआत वर्षों पहले हो चुकी थी और पिछले दस वर्षों में आयोजित की गई कई प्रमुख परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां सामने आई हैं। उन्होंने इन मामलों में वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता का दावा करते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।


"बिहार में दोबारा बन रहे हैं टॉपर घोटाले जैसे हालात" - सुधाकर सिंह

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में जिस तरह वर्ष 2016 में कुख्यात 'टॉपर घोटाला' (Topper Scam) हुआ था, जिसने पूरे देश में बिहार की शिक्षा व्यवस्था को बदनाम किया था, ठीक वैसे ही हालात आज फिर से पैदा हो गए हैं। सुधाकर सिंह ने दावा किया कि 'रिशु श्री' नामक कंपनी को निविदाएं देने की प्रक्रिया में नियमों को पूरी तरह ताक पर रखा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में बिहार बोर्ड और शिक्षा विभाग द्वारा कराई गई कई परीक्षाओं में धांधली की गई है, जिसका सीधा नुकसान सूबे के लाखों प्रतिभावान छात्रों को भुगतना पड़ा है।


IAS आनंद किशोर और मुख्य सचिव दीपक कुमार पर तीखा हमला

प्रेस वार्ता के दौरान सुधाकर सिंह ने सीधे तौर पर बिहार के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों (आईएएस अधिकारियों) को निशाने पर लिया। उन्होंने पूर्व शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें "बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा माफिया" करार दिया।


सांसद ने आरोप लगाया, "रिशु श्री को सबसे पहले सरकारी टेंडर देने का काम आनंद किशोर ने ही किया था।" इसके साथ ही उन्होंने बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार पर भी गंभीर आरोप मढ़े। सुधाकर सिंह ने कहा कि मुख्य सचिव दीपक कुमार अपने पद का दुरुपयोग कर आनंद किशोर जैसे अधिकारियों को पूर्ण प्रशासनिक संरक्षण दे रहे हैं, जिससे उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।


आनंद किशोर समेत 9 आईएएस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

आरजेडी सांसद ने बिहार सरकार से मांग की है कि इस पूरे रिशु श्री टेंडर घोटाले और परीक्षा अनियमितताओं में आनंद किशोर समेत कुल नौ हाई-प्रोफाइल आईएएस (IAS) अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, "ये अधिकारी सरकार के संरक्षण में बैठकर राज्य के खजाने को लूट रहे हैं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। इन सभी अधिकारियों के कार्यकाल और लिए गए निर्णयों का ऑडिट होना चाहिए।"


"हमारे पास हैं सबूत, चारा घोटाले की तरह हो कोर्ट की निगरानी में जांच"

सुधाकर सिंह ने प्रेस वार्ता में यह भी दावा किया कि उनके पास इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी करने के पुख्ता दस्तावेजी सबूत मौजूद हैं। उन्होंने सरकार को खुली चुनौती देते हुए कहा, "यदि सरकार या संबंधित अधिकारी मेरे आरोपों को गलत मानते हैं, तो वे मेरे खिलाफ मानहानि का केस दर्ज करने के लिए अदालत जाने के लिए स्वतंत्र हैं। मैं अदालत में सारे सबूत पेश करने के लिए तैयार हूं।"


उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच किसी सरकारी एजेंसी के बजाय 1990 के दशक के 'चारा घोटाले' (Fodder Scam) की तर्ज पर माननीय उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की प्रत्यक्ष निगरानी में कराई जानी चाहिए, ताकि कोई भी अधिकारी अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित न कर सके।


सरकारी गलियारों में सन्नाटा, प्रतिक्रिया का इंतजार

आरजेडी सांसद के इस बड़े और सीधे हमले के बाद बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बिहार सरकार, शिक्षा विभाग या आरोपी अधिकारियों (आनंद किशोर और दीपक कुमार) की ओर से इन गंभीर आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर विधानसभा के आगामी सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page