पूर्णिया में गैस सिलेंडर ब्लास्ट का दर्दनाक हादसा: चाय बनाने के दौरान हुआ रिसाव, एक ही परिवार के 8 लोग झुलसे, 3 की हालत नाजुक
- mdkashif3300
- Jun 17
- 2 min read
पूर्णिया के जानकीनगर में रसोई गैस सिलेंडर फटने से मची चीख-पुकार: 8 लोग झुलसे, बनमनखी से जीएमसीएच पूर्णिया रेफर
पूर्णिया:
बिहार के पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। यहाँ एक घर में चाय बनाने के दौरान गैस रिसाव (Gas Leakage) होने से अचानक आग लग गई और देखते ही देखते गैस सिलेंडर में जोरदार ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इसकी चपेट में आकर एक ही परिवार के करीब आठ सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के तुरंत बाद चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया है, जिनमें से तीन की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
चाय बनाने के दौरान हुआ गैस रिसाव, अचानक भड़की आग
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को घर की महिला रसोई में चाय बनाने की तैयारी कर रही थी। जैसे ही उसने गैस चूल्हा जलाने के लिए माचिस जलाई, रेगुलेटर या पाइप से हो रहे गैस रिसाव के कारण पूरे कमरे में फैली गैस ने तुरंत आग पकड़ ली। आग इतनी तेजी से भड़की कि रसोई में काम कर रही महिला और उसे बचाने दौड़े परिवार के लोग खुद को संभाल नहीं पाए।
धमाके के साथ फटा सिलेंडर, दहल उठा इलाका
आग की लपटों से घिरे सिलेंडर का तापमान अचानक बढ़ गया और कुछ ही पलों में वह बम की तरह जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाका इतना भीषण था कि पक्के मकान की एस्बेस्टस की छत उड़ गई और आसपास के मकान भी हिल गए। इस ब्लास्ट की चपेट में आने से घर के अंदर मौजूद आठ लोग बुरी तरह झुलस गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। धमाके की आवाज सुनकर ग्रामीण तुरंत मौके पर दौड़े और मिट्टी-पानी डालकर आग पर काबू पाया तथा झुलसे हुए लोगों को बाहर निकाला।
बनमनखी से जीएमसीएच पूर्णिया किए गए रेफर
सभी आठों घायलों को ग्रामीणों और परिजनों की मदद से बिना समय गंवाए पहले बनमनखी अनुमंडल अस्पताल (Subdivisional Hospital Banmankhi) ले जाया गया। वहाँ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन तीन मरीजों के शरीर का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा झुलस जाने के कारण उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH Purnia) रेफर कर दिया गया। जीएमसीएच के बर्न वार्ड में डॉक्टरों की विशेष टीम की देखरेख में उनका सघन इलाज जारी है।
ग्रामीणों में दहशत और सुरक्षा को लेकर चिंता
इस दर्दनाक हादसे के बाद जानकीनगर थाना क्षेत्र के बभनगामा और आसपास के इलाकों में गहरा शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि गृहिणियों को रसोई में काम करने से पहले गैस पाइप और रेगुलेटर की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए, विशेषकर गर्मी के मौसम में गैस रिसाव के कारण ऐसी दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है। फिलहाल, पूरा गांव पीड़ित परिवार के घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहा है।
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