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पटना में दवा की आड़ में शराब तस्करी: 'बिहार सरकार' लिखी मेडिसिन कार्टन से ₹15 लाख की विदेशी शराब जब्त, तस्कर फरार

  • mdkashif3300
  • 3 hours ago
  • 3 min read

पटना में दवा की आड़ में शराब तस्करी: 'बिहार सरकार' लिखी मेडिसिन कार्टन से ₹15 लाख की विदेशी शराब जब्त, तस्कर फरार


बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू होने के एक दशक बाद भी शराब माफिया और तस्कर राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति के लिए लगातार नए-नए और चौंकाने वाले हथकंडे अपना रहे हैं। इस बार तस्करों ने कानून और जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए एक ऐसा शातिर तरीका अपनाया, जिसे देखकर उत्पाद विभाग और पुलिस की टीम भी दंग रह गई। राजधानी पटना में उत्पाद विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब की खेप बरामद की है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस शराब को 'Government of Bihar – Not For Sale' (बिहार सरकार - बिक्री के लिए नहीं) लिखी हुई सरकारी दवाओं की पेटियों (कार्टन) में छिपाकर लाया जा रहा था।


गुप्त सूचना के आधार पर अगमकुआं में बिछाया गया जाल

उत्पाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को एक गुप्त सूचना मिली थी कि पड़ोसी राज्य से विदेशी शराब की एक बड़ी खेप एक बड़े ट्रक के जरिए पटना में प्रवेश करने वाली है। इस इनपुट के आधार पर उत्पाद विभाग की एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना के अगमकुआं थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनआरएल (NRL) पेट्रोल पंप के पास एक विशेष जांच चौकी स्थापित की और आने-जाने वाले संदिग्ध मालवाहक वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी।


सरकारी दवा के डिब्बों को खोला, तो निकली शराब

चेकिंग के दौरान जब एक बड़े संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई, तो उसमें ऊपर से लेकर नीचे तक भारी मात्रा में कार्टन लदे हुए थे। इन कार्टनों पर लाल रंग से 'Government of Bihar – Not For Sale' और चिकित्सा विभाग के आधिकारिक चिन्ह छपे हुए थे, जो आमतौर पर सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में निःशुल्क बांटी जाने वाली दवाओं की खेप पर लिखे होते हैं। पहली नजर में ऐसा लगा कि यह स्वास्थ्य विभाग की कोई जरूरी दवाओं की खेप है। लेकिन जब अधिकारियों ने संदेह के आधार पर कुछ कार्टनों को फाड़कर देखा, तो उनके होश उड़ गए। उन डिब्बों के अंदर जीवन रक्षक दवाओं के बजाय प्रीमियम ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें करीने से सजाकर रखी गई थीं।


400 कार्टन शराब जब्त, अनुमानित कीमत ₹15 लाख

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने ट्रक को पूरी तरह खाली कराकर गिनती की, जिसमें कुल 400 कार्टन अवैध विदेशी शराब बरामद की गई। अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई शराब की कुल मात्रा हजारों बोतलों में है और इसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 15 लाख रुपये आंकी गई है। हालांकि, जैसे ही ट्रक को जांच के लिए किनारे लगाया गया और डिब्बे खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई, मौके का फायदा उठाकर ट्रक का चालक, खलासी और शराब तस्कर भीड़भाड़ और अंधेरे का लाभ उठाते हुए फरार होने में सफल रहे।


अंतर-राज्यीय शराब सिंडिकेट की जांच तेज

अगमकुआं पुलिस और उत्पाद विभाग ने संयुक्त रूप से ट्रक को जब्त कर लिया है और उसके इंजन व चेसिस नंबर तथा पंजीकरण नंबर के जरिए मालिक का पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह शराब झारखंड या पश्चिम बंगाल से लोड की गई थी। तस्करों का इरादा सरकारी लेबल का दुरुपयोग करके विभिन्न पुलिस चौकियों और बॉर्डर चेकपोस्ट को आसानी से पार करना था, क्योंकि पुलिस आमतौर पर आपातकालीन सेवाओं और सरकारी दवाओं के वाहनों को बिना गहन जांच के जाने देती है।


शराबबंदी को चुनौती देते तस्करों के नए प्रयोग

बिहार में शराबबंदी के बाद एम्बुलेंस, गैस सिलेंडर, दूध के टैंकर, अर्थ मूवर (JCB) और शव ले जाने वाले वाहनों में शराब छिपाने के मामले पहले भी आ चुके हैं। लेकिन सरकारी दवा के डिब्बों का उपयोग कर तस्करी का यह पहला बड़ा मामला है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह मामला दर्शाता है कि शराबबंदी को कड़ाई से लागू करने के लिए केवल सड़कों पर जांच करना काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे बैठे रसूखदार माफियाओं की गिरफ्तारी आवश्यक है। उत्पाद विभाग ने कहा है कि फरार तस्करों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

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