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पूर्णिया में युवक की संदेहास्पद मौत पर छिड़ी जंग: भाई ने भाभी पर लगाया हत्या का आरोप, पत्नी बोली- 'शराब ने ली जान'

  • mdkashif3300
  • 1 day ago
  • 3 min read

पूर्णिया में युवक की संदेहास्पद मौत पर छिड़ी जंग: भाई ने भाभी पर लगाया हत्या का आरोप, पत्नी बोली- 'शराब ने ली जान'


बिहार के पूर्णिया जिले के कृत्यानंद नगर (के. नगर) थाना क्षेत्र के अंतर्गत बैरगाछी गांव में एक युवक की संदेहास्पद परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस घटना के बाद मृतक का परिवार दो धड़ों में बंट गया है और आपस में ही खूनी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। एक तरफ जहाँ मृतक के सगे भाई ने अपनी भाभी (मृतक की पत्नी) पर पीट-पीटकर हत्या करने और साक्ष्य छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है, वहीं दूसरी तरफ मृतक की पत्नी का दावा है कि उसके पति की मौत अत्यधिक शराब की लत और बीमारी के कारण हुई है। इस जटिल गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस और फॉरेंसिक टीमें वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में लग गई हैं।


बुजुर्ग मां के घर बीमार हालत में छोड़कर जाने का आरोप

मृतक की पहचान बैरगाछी गांव निवासी यशवंत पासवान के रूप में हुई है। यशवंत के भाई हेमंत पासवान ने अपनी भाभी फूल कुमारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। हेमंत का कहना है कि जब वे अपने भाई के शव को देख रहे थे, तो उसकी पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर अंदरूनी चोट के नीले निशान थे, जो यह दर्शाते हैं कि उसके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई थी।


हेमंत का आरोप है, "यदि मेरा भाई गंभीर रूप से बीमार था, तो पत्नी को उसे अस्पताल ले जाना चाहिए था। लेकिन शनिवार की रात करीब 10 बजे, भाभी फूल कुमारी चुपके से यशवंत को अधमरी हालत में हमारी बुजुर्ग मां गिरिजा देवी के पास छोड़कर चली गई।" अगले दिन सुबह जब भाई हेमंत घर पहुंचे और यशवंत की गंभीर स्थिति देखी, तो वे तुरंत उसे इलाज के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (GMCH) पूर्णिया ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद हेमंत ने सीधे थाने पहुंचकर अपनी भाभी पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।


पत्नी का दावा: "शराब की लत ने ली जान, रोज करता था मारपीट"

दूसरी ओर, आरोपी पत्नी फूल कुमारी ने अपने देवर हेमंत के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। फूल कुमारी का कहना है कि यशवंत लंबे समय से अत्यधिक शराब पीने का आदी था। वह दिन-रात नशे में धुत रहता था और घर के सारे पैसे शराब में फूंक देता था। नशे की हालत में वह अपनी पत्नी और मासूम बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट और गाली-गलौज करता था।


फूल कुमारी ने बताया, "शनिवार की रात भी यशवंत अत्यधिक नशे में था और घर में हंगामा कर रहा था। उससे तंग आकर और अपनी व बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए, मैंने उसे उसकी मां के घर छोड़ दिया था।" उसने यह भी खुलासा किया कि यशवंत की शराब छुड़ाने के लिए उसे पहले भी नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया जा चुका था, लेकिन वहां से लौटने के बाद उसने फिर से शराब पीना शुरू कर दिया था।


फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की जानकारी मिलते ही के. नगर थाना पुलिस दलबल के साथ बैरगाछी गांव पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने जिला मुख्यालय से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुला लिया। फॉरेंसिक टीम ने यशवंत के घर और उस स्थान का गहन निरीक्षण किया जहाँ उसे छोड़ा गया था। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया है।


सदर एसडीपीओ टू गौरव कुमार का कहना है कि पुलिस दोनों पक्षों के बयानों को रिकॉर्ड कर रही है। उन्होंने कहा, "यह हत्या का मामला है या अत्यधिक शराब के सेवन और बीमारी से हुई प्राकृतिक मौत, इसका सटीक खुलासा पोस्टमार्टम (Autopsy) रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही हो पाएगा। वैज्ञानिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।"


शराबबंदी वाले बिहार में शराब से मौत की नई बहस

इस घटना ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता के कारण कई युवा इसके आदी हो चुके हैं और घरेलू हिंसा व अकाल मौत का शिकार हो रहे हैं। बहरहाल, बैरगाछी गांव के लोग अब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस मौत के पीछे छिपे वास्तविक सच का पता चल सके।

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