पूर्णिया में योग दिवस की धूम: खुद योग गुरु बने डीएम अंशुल कुमार; अंबेडकर छात्रावास में माइक संभाल खुद कराया योगासन, सिविल कोर्ट में भी हुआ आयोजन
- mdkashif3300
- Jun 21
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12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पुनीत अवसर पर पूरे सीमांचल क्षेत्र के साथ-साथ पूर्णिया जिले में योग को लेकर एक अभूतपूर्व उत्साह और उमंग का वातावरण देखने को मिला। सुबह की पहली किरण के साथ ही जिले के विभिन्न मैदानों, हॉस्टलों, सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में सामूहिक योग सत्रों का सिलसिला शुरू हो गया। इस कड़ी में पूर्णिया के अंबेडकर छात्रावास (Ambedkar Hostel) परिसर में आयोजित भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम में एक अनूठा और प्रेरक दृश्य देखने को मिला, जहाँ जिले के जिलाधिकारी (DM) अंशुल कुमार खुद एक योग शिक्षक (Yoga Guru) की भूमिका में नजर आए।
★ माइक संभालकर डीएम ने कराए योगासन और प्राणायाम
अंबेडकर छात्रावास में आयोजित इस विशेष योग शिविर में सैकड़ों की संख्या में छात्र, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी और आम नागरिक सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की शुरुआत के बाद डीएम अंशुल कुमार ने स्वयं मंच संभाला। उन्होंने हाथ में माइक लेकर एक मंझे हुए योग गुरु की भांति सभी योग साधकों को कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम, ताड़ासन, वज्रासन और शवासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कराया। डीएम को स्वयं योग सिखाते देख शिविर में मौजूद छात्रों और युवाओं का उत्साह दोगुना हो गया।
★ योग स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन की अमूल्य कुंजी: डीएम
योग सत्र के समापन के उपरांत उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने योग दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, व्यस्त दिनचर्या और बढ़ते मानसिक तनाव के दौर में योग केवल व्यायाम का साधन नहीं बल्कि स्वस्थ और सुखी जीवन जीने की एक अनुपम कुंजी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा, "मैं स्वयं अपनी व्यस्त प्रशासनिक दिनचर्या के बावजूद प्रतिदिन नियमित रूप से योग और ध्यान का अभ्यास करता हूँ। इससे कार्य करने की ऊर्जा और मानसिक एकाग्रता मिलती है। समाज के हर व्यक्ति को, चाहे वे छात्र हों, कामकाजी हों या गृहणी, प्रतिदिन न्यूनतम 30 मिनट का समय योग के लिए अवश्य निकालना चाहिए।"
★ पूर्णिया सिविल कोर्ट में भी हुआ ऐतिहासिक योग सत्र
जिला स्तरीय कार्यक्रम के साथ-साथ पूर्णिया सिविल कोर्ट (Purnea Civil Court) परिसर में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का गरिमामयी आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District & Sessions Judge) ने किया। योग सत्र में सिविल कोर्ट के सभी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मुंसिफ, न्यायिक दंडाधिकारी, कोर्ट के कर्मचारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ व कनिष्ठ अधिवक्ताओं ने भाग लिया। जजों और अधिवक्ताओं ने सामूहिक रूप से योगासन कर समाज को स्वस्थ रहने और न्यायिक कार्य के मानसिक तनाव को योग के जरिए दूर करने का संदेश दिया।
★ शैक्षणिक संस्थानों और गांवों में भी दिखा खास उत्साह
योग दिवस का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूर्णिया विश्वविद्यालय, विभिन्न महाविद्यालयों, स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों के पंचायतों में भी योग शिविर आयोजित किए गए। नेहरू युवा केंद्र और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को योग के प्रति जागरूक किया गया। लोगों ने योग करते हुए अपनी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए। कुल मिलाकर पूर्णिया में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सामुदायिक एकजुटता का एक शानदार उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।
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