पौआखाली में ‘मौत का जाल’ बना शीशागाछी-झपड़तल मार्ग का जर्जर कलभर्ट, प्रशासन की लापरवाही से भड़के ग्रामीण, आंदोलन की चेतावनी

पौआखाली (किशनगंज): किशनगंज जिले के पौआखाली नगर पंचायत के वार्ड संख्या-05 में स्थित मुख्य संपर्क मार्ग इन दिनों आम राहगीरों और स्थानीय लोगों के लिए गंभीर खतरे का सबब बन गया है। शीशागाछी नोमानिया मदरसा से झपड़तल गांव को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पीसीसी (PCC) सड़क पर बना कलभर्ट (पुलिया) पूरी तरह जर्जर होकर बीच से टूट चुका है। जर्जर कलभर्ट की इस दुर्दशा के कारण अब यह पूरा मार्ग इलाके के लोगों के लिए “मौत का जाल” बनता जा रहा है।
ऊपरी स्लैब धंसने से बना जानलेवा गड्ढा, आए दिन हो रहे हादसे
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, कलभर्ट का ऊपरी स्लैब टूटकर बीच से बुरी तरह धंस गया है, जिससे सड़क के ठीक बीचों-बीच एक बड़ा और खतरनाक गड्ढा बन गया है। इस रास्ते से गुजरने वाले दोपहिया वाहन चालक विशेषकर रात के समय अंधेरे में इस गड्ढे को देख नहीं पाते और अनियंत्रित होकर सीधे हादसे का शिकार हो रहे हैं। दुर्घटनाओं का यह सिलसिला अब रोजाना की बात हो गया है, जिसमें कई बाइक सवार गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं।
मानसून में संपर्क पूरी तरह टूटने का खतरा, हजारों आबादी होगी प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि यदि मानसून की भारी बारिश से पहले इस पुलिया की मरम्मत नहीं की गई, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों और स्थानीय बुद्धिजीवियों ने चेतावनी दी है कि बारिश के मौसम में पानी के तेज बहाव के कारण यह कलभर्ट पूरी तरह जमींदोज हो सकता है। यदि ऐसा हुआ, तो हजारों की आबादी का संपर्क पौआखाली मुख्य बाजार और एलआरपी चौक (LRP Chowk) से पूरी तरह कट जाएगा।
इलाके की 'लाइफलाइन' पर संकट, व्यापार भी पड़ा ठंडा
यह मार्ग केवल ग्रामीणों की आवाजाही के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके की लाइफलाइन माना जाता है। एलआरपी चौक और बंधन बैंक को जोड़ने वाला यह मुख्य रास्ता होने के कारण यहां से भारी वाहनों, ट्रैक्टरों और मालवाहक पिकअप का निकलना अब नामुमकिन हो गया है। पुलिया की बदहाली का सीधा असर स्थानीय दुकानदारों के व्यापार पर भी पड़ रहा है, क्योंकि ग्राहकों की आवाजाही में काफी कमी आ गई है।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड; प्रशासन के खिलाफ आक्रोश
ग्रामीणों ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि इतने बड़े खतरे के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन ने सड़क के इस जानलेवा हिस्से पर न तो कोई बैरिकेडिंग की है और न ही कोई अस्थायी चेतावनी बोर्ड लगाया है। रात के समय स्ट्रीट लाइट न जलने के कारण यह स्थान सीधे तौर पर दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है।
प्रशासन की इस उदासीनता से नाराज ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि अविलंब कलभर्ट की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ, तो वार्ड संख्या-05 के लोग नगर पंचायत कार्यालय का घेराव करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
सुरक्षा बैरिकेडिंग: कलभर्ट के दोनों ओर तत्काल प्रभाव से मजबूत बैरिकेडिंग की जाए।
चेतावनी बोर्ड: रात में चमकने वाले (Reflective) सुरक्षा संकेत और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
पक्की ढलाई: क्षतिग्रस्त स्लैब को तोड़कर नए सिरे से आरसीसी (RCC) ढलाई की जाए ताकि भारी वाहनों का परिचालन दोबारा सुरक्षित हो सके।
यह सड़क अब केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का एक बड़ा उदाहरण बन चुकी है। अब देखना यह है कि क्या नगर पंचायत प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या फिर समय रहते इस 'मौत के रास्ते' को सुरक्षित बनाने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।
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