किशनगंज के नए जिलाधिकारी बने युवा IAS नवीन कुमार: जानें उनकी कार्यशैली, पिछला ट्रैक रिकॉर्ड और जिले को लेकर उम्मीदें

किशनगंज: 2019 बैच के युवा IAS नवीन कुमार बने नए जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर और गया में छाप छोड़ने वाले तकनीक-प्रेमी अफसर से बढ़ी उम्मीदें
किशनगंज:
बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज को नया जिलाधिकारी (DM) मिल गया है। 2019 बैच के युवा और ऊर्जावान भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी नवीन कुमार ने जिले के नए जिलाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल ली है। प्रशासनिक गलियारों में उनकी पहचान फाइलों से अधिक फील्ड पर समय बिताने वाले और जनता की समस्याओं का समाधान आधुनिक तकनीक (Technology) के माध्यम से करने वाले एक संवेदनशील अधिकारी के रूप में होती है। नवीन कुमार की तैनाती के साथ ही किशनगंज में रुकी हुई और लंबित पड़ी विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
★ राजस्थान के झुंझुनूं से इंजीनियरिंग और फिर IAS का सफर
मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिले के रहने वाले नवीन कुमार का शैक्षणिक बैकग्राउंड तकनीकी रहा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश की सबसे कठिन संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास की और साल 2019 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपनी जगह बनाई। बिहार कैडर मिलने के बाद नवीन कुमार ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं दी हैं और जहाँ भी वे रहे, अपनी कार्यशैली से स्थानीय जनता के बीच एक अलग छाप छोड़ी।
★ मुजफ्फरपुर और गया में रह चुका है बेहतरीन कार्यकाल
किशनगंज के जिलाधिकारी का पदभार संभालने से पहले नवीन कुमार मुजफ्फरपुर नगर निगम में नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के रूप में तैनात थे। मुजफ्फरपुर में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने शहर की सड़कों की मरम्मत, ड्रेनेज (जलनिकासी) की पुरानी समस्या, स्वच्छता अभियान और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए कई अहम और दूरगामी कदम उठाए थे। इसके बाद अगस्त 2024 में वे गया जिले के उप विकास आयुक्त (DDC) सह जिला परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त हुए, जहाँ उन्होंने ग्रामीण इलाकों में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और अन्य ग्रामीण विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
★ तकनीक-आधारित गवर्नेंस (Digital Governance) है इनकी असली पहचान
नवीन कुमार की कार्यशैली की सबसे बड़ी खासियत तकनीक पर आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना है। वे जनसुनवाई में ऑनलाइन माध्यमों का उपयोग करने, डिजिटल मॉनिटरिंग, डेटा आधारित फैसले लेने और जनता की शिकायतों के त्वरित एवं पारदर्शी निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। उनका मानना है कि गवर्नेंस में तकनीक के इस्तेमाल से बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचता है।
★ किशनगंज के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद
चूंकि किशनगंज जिला भौगोलिक रूप से संवेदनशील और विकास के मानकों पर पिछड़ा माना जाता है, इसलिए एक युवा और तकनीक-प्रेमी अधिकारी की यहाँ पोस्टिंग से स्थानीय लोगों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने, ग्रामीण सड़कों का नेटवर्क सुधारने, बाढ़ नियंत्रण उपायों, कृषि विकास और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने जैसे क्षेत्रों में नवीन कुमार के फैसलों पर सभी की नजर रहेगी। जिले के बुद्धिजीवियों का मानना है कि उनकी पारदर्शी कार्यशैली किशनगंज में नई प्रशासनिक जवाबदेही तय करेगी।
_edited.jpg)
Comments