किशनगंज: महानंदा पुल पर भीषण जाम से जनता त्रस्त, पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने SP को पत्र लिख की ट्रैफिक पुलिस तैनाती की मांग
- mdkashif3300
- 6 hours ago
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इस गंभीर समस्या को लेकर कोचाधामन के पूर्व विधायक एवं राजद नेता मुजाहिद आलम ने किशनगंज के पुलिस अधीक्षक (SP) संतोष कुमार को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी
पूर्व विधायक ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि महानंदा पुल पर लगने वाले जाम का सबसे अधिक खामियाजा गंभीर मरीजों, प्रसूता महिलाओं और स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। कई बार अस्पताल जा रही एम्बुलेंस घंटों जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
वहीं, स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं और स्कूल बसें भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
सुबह 8 से रात 8 बजे तक ट्रैफिक पुलिस तैनाती की मांग
मुजाहिद आलम ने मांग की है कि जब तक पुल क्षेत्र में कोई स्थायी बाईपास या समाधान नहीं हो जाता, तब तक रोजाना सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ट्रैफिक पुलिस और होमगार्ड के जवानों की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि नियमित निगरानी और यातायात नियंत्रण से काफी हद तक इस जाम की समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
SP संतोष कुमार ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
मामले को गंभीरता से लेते हुए किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने आश्वासन दिया है कि महानंदा पुल और मस्तान चौक क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों और ट्रैफिक विंग को निर्देशित करने की बात कही है ताकि पीक ऑवर्स के दौरान वाहनों का दबाव नियंत्रित किया जा सके।
इसके साथ ही, भारी मालवाहक वाहनों के परिचालन को व्यवस्थित करने और जाम की स्थिति से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है।
ग्रामीणों ने किया पहल का स्वागत
स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों ने पूर्व विधायक की इस पहल का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और पुल क्षेत्र को व्यवस्थित नहीं किया गया, तो आम जनता और व्यवसायी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
महानंदा पुल पर लगातार लग रहा जाम अब केवल यातायात की समस्या नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
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