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किशनगंज में प्रशासनिक प्रमुखों की अनूठी मिसाल: नए डीएम नवीन कुमार और एसपी संतोष कुमार ने किया रक्तदान, युवाओं को किया प्रेरित

  • mdkashif3300
  • Jun 23
  • 3 min read



किशनगंज में प्रशासनिक प्रमुखों की अनूठी मिसाल: नए डीएम नवीन कुमार और एसपी संतोष कुमार ने किया रक्तदान, युवाओं को किया प्रेरित


सीमांचल के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले किशनगंज जिले में मंगलवार को प्रशासनिक नेतृत्व ने संवेदनशीलता और समाज सेवा की एक अनूठी मिसाल पेश की है। शहर के खगड़ा स्थित खेल भवन के प्रांगण में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, किशनगंज इकाई द्वारा एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में नवनियुक्त जिला पदाधिकारी (डीएम) सह रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार ने स्वयं आगे आकर रक्तदान किया। जिले के दोनों सर्वोच्च अधिकारियों द्वारा रक्तदान किए जाने से न केवल वहां मौजूद अन्य रक्तदाताओं का हौसला बढ़ा, बल्कि पूरे समाज में स्वास्थ्य और जीवन रक्षा को लेकर एक बेहद सकारात्मक और प्रेरक संदेश भी गया।


प्रशासनिक कार्यों के बीच सामाजिक सरोकार

हाल ही में किशनगंज जिले के समाहर्ता और जिला पदाधिकारी के रूप में पदभार संभालने वाले आईएएस अधिकारी नवीन कुमार और तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी व एसपी संतोष कुमार ने अपने व्यस्ततम प्रशासनिक शेड्यूल में से समय निकालकर खगड़ा खेल भवन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने सबसे पहले रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद बिना किसी औपचारिक संकोच के, दोनों ने बारी-बारी से बेड पर लेटकर स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस दृश्य को देखकर शिविर में मौजूद स्वयंसेवी, डॉक्टर और युवा रक्तदाता अत्यंत उत्साहित हो उठे।


"रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं" - जिला पदाधिकारी नवीन कुमार

रक्तदान करने के बाद जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने मीडिया और आम लोगों से बातचीत करते हुए इस पुनीत कार्य के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, "मानवता की सेवा के लिए रक्तदान से बड़ा और कोई दान नहीं हो सकता। जब हम रक्तदान करते हैं, तो हम केवल एक चिकित्सा प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनते, बल्कि किसी जरूरतमंद इंसान को एक नया जीवन देने का माध्यम बनते हैं। हमारे द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त दुर्घटनाग्रस्त मरीजों, प्रसव के दौरान महिलाओं और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए अमृत समान होता है।"


डीएम नवीन कुमार ने आम जनता, विशेषकर जिले के युवाओं से अपील की कि वे रक्तदान को लेकर अपने मन में किसी भी प्रकार की भ्रांति या डर को न रखें। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान करने से शरीर में कोई कमजोरी नहीं आती, बल्कि कुछ ही दिनों में नया रक्त बनकर तैयार हो जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी काफी फायदेमंद है।


एसपी संतोष कुमार ने युवाओं का बढ़ाया हौसला

पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने भी रक्तदान के बाद सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाण पत्र सौंपे। एसपी ने कहा, "रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय और संवेदनशील कर्तव्य है। पुलिस और प्रशासन का काम केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि समाज के हर सुख-दुख में सहभागी बनना भी है। एक स्वस्थ व्यक्ति को साल में कम से कम दो से तीन बार स्वेच्छा से रक्तदान अवश्य करना चाहिए।" उन्होंने पुलिस लाइन के जवानों और जिले के युवाओं से अपील की कि वे रेड क्रॉस सोसाइटी और सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में नियमित रूप से रक्तदान करें ताकि किसी भी मरीज को रक्त की कमी के कारण अपनी जान न गंवानी पड़े।


सीमांचल में रक्तदान की आवश्यकता और जागरूकता की कमी

किशनगंज सहित पूरा सीमांचल क्षेत्र बाढ़, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और जागरूकता के अभाव जैसी समस्याओं से जूझता रहता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी रक्तदान को लेकर कई तरह के भ्रम फैले हुए हैं, जैसे कि रक्तदान करने से कमजोरी आ जाएगी या कोई बीमारी हो जाएगी। ऐसे में जिले के प्रशासनिक मुखिया और पुलिस कप्तान द्वारा खुद सुई लगवाकर खून दान करने की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता फैलेगी। थिंकिंग फाउंडेशन और रेड क्रॉस सोसाइटी के स्वयंसेवकों ने बताया कि जब बड़े अधिकारी इस तरह के अभियानों में खुद शामिल होते हैं, तो रक्तदान करने वालों का प्रतिशत काफी बढ़ जाता है।


सफलतापूर्वक संपन्न हुआ रेड क्रॉस सोसाइटी का शिविर

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों ने बताया कि खेल भवन में आयोजित इस शिविर में सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखा गया था। डॉक्टरों और लैब तकनीशियनों की देखरेख में रक्त संग्रहित किया गया। शिविर में जिला स्तर के कई अन्य अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और रक्तदान किया। संग्रहित किए गए रक्त को सुरक्षित तरीके से जिला सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में भेजा गया है, जहाँ से इसे जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क या न्यूनतम प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराया जाएगा।

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