कटिहार GNM स्कूल की छात्राओं का चक्का जाम: कॉलेज की बदहाली पर फूटा गुस्सा, जमीन पर बैठ डीएम आशुतोष द्विवेदी ने सुनी समस्या, प्रिंसिपल-टीचर हटाए गए
- mdkashif3300
- 8 hours ago
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कटिहार में GNM छात्राओं का सड़क से समाहरणालय तक आंदोलन: जमीन पर बैठ फरियाद सुनने वाले डीएम आशुतोष द्विवेदी ने लिया त्वरित एक्शन
कटिहार:
कटिहार जिला मुख्यालय में अवस्थित जीएनएम (GNM) स्कूल की छात्राओं का सब्र सोमवार को आखिरकार टूट गया और पढ़ाई, क्लिनिकल ट्रेनिंग व हॉस्टल की बुनियादी सुविधाओं की भारी बदहाली के खिलाफ उनका गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। संस्थान की व्यवस्थाओं से नाराज करीब 54 छात्राओं ने सोमवार को सुबह कटिहार-मनिहारी मुख्य मार्ग पर उतरकर चक्का जाम कर दिया और यातायात पूरी तरह बाधित कर दिया। छात्राओं का आरोप था कि कॉलेज प्रशासन उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है और हॉस्टल में उनकी जिंदगी सिर्फ "खाना, पीना और सोना" बनकर रह गई है।
3 बैचों पर केवल एक शिक्षक, ट्रेनिंग भी ठप
सड़क जाम कर प्रदर्शन कर रही जीएनएम छात्राओं ने मीडिया से बात करते हुए अपने कॉलेज की बदहाली की पोल खोल दी। छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में कुल तीन अलग-अलग बैचों की पढ़ाई चल रही है, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए पूरे कॉलेज में केवल एक ही शिक्षक तैनात हैं। एक शिक्षक द्वारा सभी बैचों को पढ़ा पाना व्यावहारिक रूप से असंभव है, जिसके कारण कक्षाएं नाममात्र के लिए चल रही हैं।
इसके साथ ही, जीएनएम जैसे प्रोफेशनल नर्सिंग कोर्स के लिए सबसे आवश्यक क्लिनिकल और व्यावहारिक प्रशिक्षण (प्रशिक्षण व्यवस्था) पूरी तरह से ठप पड़ी है। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल के कमरों और शौचालय की साफ-सफाई का कोई उचित प्रबंध नहीं है, जिससे परिसर में बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। शुद्ध पेयजल की भी भारी किल्लत है।
सड़क जाम के बाद डीएम कार्यालय के बाहर बैठीं छात्राएं, जमीन पर बैठ डीएम ने सुनीं समस्याएं
मुख्य मार्ग पर करीब ढाई घंटे तक जाम लगाने के बाद छात्राएं रैली की शक्ल में कटिहार समाहरणालय (कलेक्टर ऑफिस) पहुंचीं और अपनी मांगों को लेकर सीधे डीएम कार्यालय के बाहर बरामदे पर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं के धरने की जानकारी मिलते ही कटिहार के जिला पदाधिकारी (DM) आशुतोष द्विवेदी खुद अपने चेंबर से बाहर निकलकर आए।
डीएम आशुतोष द्विवेदी ने संवेदनशीलता और प्रशासनिक शालीनता का परिचय देते हुए कुर्सियां मंगाने के बजाय खुद जमीन पर बैठी छात्राओं के साथ फर्श पर बैठ गए। उन्होंने बेहद शांत मन से एक-एक करके छात्राओं की सभी समस्याओं और कॉलेज प्रशासन की लापरवाही को ध्यानपूर्वक सुना।
प्रिंसिपल और टीचर को हटाने का तत्काल निर्देश, कानूनी कार्रवाई से किया मना
छात्राओं की गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीएम आशुतोष द्विवेदी ने मौके पर ही कड़ा और तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने लापरवाही बरतने और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप में जीएनएम स्कूल के प्राचार्य (प्रिंसिपल) और संबंधित शिक्षक को उनके पद से तत्काल हटाने का निर्देश दिया। डीएम ने जिले के सिविल सर्जन (Civil Surgeon) को फोन कर आदेश दिया कि वे चौबीस घंटे के भीतर जीएनएम स्कूल के लिए नए सक्षम प्राचार्य और अतिरिक्त योग्य शिक्षकों की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही उन्होंने हॉस्टल परिसर में साफ-सफाई और पेयजल की समस्या को दूर करने के लिए विशेष टीम भेजने की बात कही। सबसे राहत की बात यह रही कि डीएम ने छात्राओं को आश्वस्त किया कि अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के कारण किसी भी छात्रा के खिलाफ कोई दंडात्मक या कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। डीएम के इस संवेदनशील रुख और त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना आंदोलन समाप्त किया।

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