कटिहार में बीच सड़क पर शव रख बैठी पंचायत: 2 युवकों को बंधक बना सुनाया ₹6 लाख जुर्माने का फरमान, पुलिस ने कराया मुक्त
- mdkashif3300
- Jun 28
- 3 min read
कटिहार में बीच सड़क पर शव रख बैठी पंचायत: 2 युवकों को बंधक बना सुनाया ₹6 लाख जुर्माने का फरमान, पुलिस ने कराया मुक्त
बिहार के कटिहार जिले से कानून व्यवस्था और सामाजिक व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक बेहद हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ फलका थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा इस कदर भड़का कि उन्होंने न सिर्फ मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा, बल्कि बीच सड़क पर ही 'कंगारू कोर्ट' (अस्थायी पंचायत) लगा दी। सड़क पर शव रखकर तिरपाल तान दिया गया और दुर्घटना में शामिल मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को बंधक बनाकर उन पर कुल 6 लाख रुपये का जुर्माना ठोक दिया गया। इस घटना के कारण फलका-गेड़ाबाड़ी मार्ग करीब तीन घंटे तक पूरी तरह से ठप रहा। अंततः, पुलिस के कड़े हस्तक्षेप के बाद दोनों युवकों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया गया।
भरसिया साइकिल चौक के पास हुआ था हादसा
घटना के संबंध में बताया जाता है कि फलका थाना क्षेत्र के भरसिया साइकिल चौक के पास एक अनियंत्रित मोटरसाइकिल की चपेट में आने से स्थानीय निवासी मोहम्मद रज्जाक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीण और मृतक के परिजन उग्र हो गए। उन्होंने शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर फलका-गेड़ाबाड़ी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। लेकिन विरोध का यह तरीका कुछ ही समय में एक समानांतर न्याय प्रणाली में तब्दील हो गया, जिसने राहगीरों और पुलिस प्रशासन दोनों को असमंजस में डाल दिया।
बीच सड़क पर बैठी 'अदालत', सुनाया लाखों का फरमान
सड़क जाम करने के बाद ग्रामीणों ने कानून को ताक पर रखकर बीच सड़क पर तिरपाल तान दिया और दरी बिछाकर पंचायत लगा दी। हादसे में शामिल मोटरसाइकिल के चालक मोहम्मद हुसैन और उस पर पीछे बैठे मोहम्मद साहिल को जबरन पकड़कर पंचायत के सामने पेश किया गया। पंचायत में मौजूद कथित पंचों ने ऑन-द-स्पॉट फैसला सुनाते हुए आर्थिक दंड का ऐलान किया।
पंचों ने फरमान सुनाया कि बाइक चलाने वाले मोहम्मद हुसैन को ₹4 लाख और पीछे बैठे मोहम्मद साहिल को ₹2 लाख का "मुआवजा" मृतक के परिवार को देना होगा। कुल मिलाकर 6 लाख रुपये की इस भारी-भरकम राशि को तुरंत देने का दबाव दोनों युवकों के परिवारों पर बनाया जाने लगा।
परिजनों के इनकार पर बढ़ा तनाव, घंटों लगा रहा लंबा जाम
जब बंधक बनाए गए दोनों युवकों के परिजनों ने पंचायत के इस एकतरफा फैसले और भारी-भरकम जुर्माने की राशि को तुरंत देने में असमर्थता जताई, तो पंचायत और उग्र हो गई। दोनों पक्षों के बीच विवाद काफी बढ़ गया और वहां तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। इस सड़क 'अदालत' और हंगामे के कारण फलका-गेड़ाबाड़ी मार्ग के दोनों ओर ट्रकों, बसों और निजी वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं। चिलचिलाती धूप में महिलाएं, बच्चे और बीमार यात्री तीन घंटे से अधिक समय तक फंसे रहे।
फलका पुलिस की त्वरित कार्रवाई, युवकों को सुरक्षित निकाला
सड़क पर समानांतर अदालत चलने और भारी तनाव की सूचना मिलते ही फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव भारी पुलिस बल और दंगा निरोधक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले आक्रोशित भीड़ को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब लोग टस से मस नहीं हुए, तो पुलिस ने बल प्रयोग करने की चेतावनी दी। पुलिस टीम ने सूझबूझ से काम लेते हुए उग्र भीड़ के घेरे से दोनों आरोपी युवकों (हुसैन और साहिल) को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए कटिहार सदर अस्पताल भेजा और तीन घंटे बाद यातायात सुचारू कराया।
कानून हाथ में लेने वालों पर होगी FIR: थानाध्यक्ष
फलका थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में मौत का मामला अत्यंत दुखद है और कानून के तहत दुर्घटना के मामलों में पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा और बीमा क्लेम मिलता है। लेकिन इस तरह बीच सड़क पर शव रखकर जबरन पंचायत बैठाना, लोगों को बंधक बनाना और वसूली के उद्देश्य से आर्थिक जुर्माना लगाना सरासर अवैध है।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया, "पुलिस प्रशासन इस तरह की समानांतर न्याय प्रणाली को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। पुलिस घटनास्थल के वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून हाथ में लिया और हाईवे पर पंचायत बुलाई। जल्द ही उन सभी के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।"
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