कटिहार: आजमनगर में अनोखी प्रेम कहानी, पुलिस और कोर्ट के बाद मंदिर में सात फेरे | दोनों परिवारों की रजामंदी से हुई शादी
- mdkashif3300
- Jun 14
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कटिहार आजमनगर में अनोखी प्रेम कहानी पुलिस और कोर्ट के बाद मंदिर पहुंचे मनीष रिया दोनों परिवारों की सहमति से हुई अनोखी शादी
कटिहार जिले के आजमनगर में प्यार की एक ऐसी अनोखी कहानी सामने आई है जिसने पूरे इलाके के लोगों का दिल जीत लिया है। जिस प्रेम कहानी को लेकर कभी परिवार और पुलिस के बीच हलचल मची थी वही कहानी अब एक खुशहाल शादी के अंजाम तक पहुंच गई है।
शुक्रवार की देर रात आजमनगर बाजार स्थित पोद्दार टोला ठाकुरबाड़ी मंदिर में प्रेमी युगल ने दोनों परिवारों की सहमति से पूरे विधि-विधान के साथ सात फेरे लिए। यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जोकर पंचायत अंतर्गत पोखरिया मारिया गांव निवासी मनीष कुमार यादव और उसी गांव की रिया कुमारी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का सपना देख रहे थे।
कुछ समय पहले दोनों घर से चले गए थे जिसके बाद परिजनों ने उनकी बरामदगी के लिए स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई थी। पुलिस ने दोनों को खोजा और कोर्ट में पेश किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों को उनके परिजनों को सौंप दिया।
इस कहानी में सबसे खूबसूरत मोड़ तब आया जब दोनों परिवारों ने बच्चों की भावनाओं को समझते हुए उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया। आपसी सहमति के बाद शुक्रवार रात करीब 11 बजे ठाकुरबाड़ी मंदिर में शादी का आयोजन किया गया।
परिवार रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में पंडित जी ने पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों की शादी संपन्न कराई। आधी रात को भी मंदिर परिसर में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देकर उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
दूल्हे मनीष कुमार यादव ने कहा कि वे दोनों लंबे समय से एक-दूसरे से प्यार करते थे और हमेशा साथ रहना चाहते थे। परिवारों की सहमति से शादी होने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वे नई जिंदगी की शुरुआत करेंगे।
वहीं दुल्हन रिया कुमारी ने कहा कि उनका प्यार सच्चा था और आखिरकार दोनों परिवारों ने उनके रिश्ते को समझते हुए मंदिर में शादी करा दी। उन्होंने कहा कि वह मनीष को अपने जीवनसाथी के रूप में पाकर बेहद खुश हैं।
दूल्हे के पिता नकुल यादव ने भी आशीर्वाद देते हुए कहा कि बच्चों की खुशी में ही परिवार की खुशी है। इसलिए दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से समाज के सामने उनकी शादी कराने का फैसला लिया।
प्यार विश्वास और परिवार की सहमति की यह कहानी पूरे आजमनगर में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग इसे एक सकारात्मक उदाहरण बता रहे हैं कि जब सामाजिक रिश्तों को समझदारी और अपनेपन से संभाला जाए तो हर प्रेम कहानी एक खूबसूरत मंजिल तक पहुंच सकती है।
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