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ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक रोशन आनंद बेउर जेल से हुए रिहा: दिवंगत भाई के अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव रवाना, कल सहयोगियों की जमानत पर सुनवाई

  • mdkashif3300
  • Jun 15
  • 2 min read

पटना की बेउर जेल से बाहर आए रोशन आनंद: ज्ञान बिंदु कोचिंग के निदेशक को मिली राहत, भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए पैतृक गांव


पटना:

बिहार की राजधानी पटना के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान 'ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी' (Gyan Bindu GS Academy) के निदेशक रोशन आनंद (Roshan Anand) को पटना की आदर्श केंद्रीय कारा बेउर जेल से रिहाई मिल गई है। हालिया विवादित कोचिंग और पेपर लीक से संबंधित मामलों में न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में चल रहे रोशन आनंद के जेल से बाहर आने की आधिकारिक पुष्टि उनके अधिवक्ता (वकील) द्वारा की गई है। इस रिहाई से रोशन आनंद के हजारों छात्रों और प्रशंसकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।


भाई के निधन के कारण सीधे पैतृक गांव रवाना

वकील द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रोशन आनंद को अदालत से राहत मिलने के बाद जेल से रिहा किया गया है। जेल से बाहर आते ही वे किसी से मिले बिना सीधे अपने पैतृक गांव के लिए रवाना हो गए। दरअसल, रोशन आनंद के परिवार में हाल ही में एक दुखद घटना घटी थी, जहाँ उनके भाई का आकस्मिक निधन हो गया था। रोशन आनंद अपने दिवंगत भाई के अंतिम संस्कार (Cremation) और श्राद्ध कर्म की रस्मों में शामिल होने के लिए जल्द से जल्द अपने गांव पहुंचे हैं। पारिवारिक विपदा के इस समय में रोशन आनंद की गांव वापसी को लेकर स्थानीय लोगों और उनके करीबियों में गहरी सहानुभूति देखी जा रही है।


सहयोगियों की जमानत याचिका पर कल होगी सुनवाई

अधिवक्ता ने स्पष्ट किया कि यद्यपि रोशन आनंद को फिलहाल इस मामले में जेल से बाहर आने की अनुमति मिल गई है, लेकिन इस केस से जुड़े उनके दो अन्य साथियों और कोचिंग कर्मियों की जमानत याचिका पर कल सुनवाई होनी तय है। रोशन आनंद की रिहाई के बाद यह उम्मीद काफी बढ़ गई है कि कल होने वाली सुनवाई में उनके सहयोगियों को भी अदालत से जमानत मिल सकती है।


कानूनी प्रक्रिया जारी, समर्थकों में खुशी की लहर

बिहार के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले छात्रों के बीच रोशन आनंद एक बेहद लोकप्रिय शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनकी एकेडमी से पढ़कर हजारों छात्रों ने बिहार दरोगा, पुलिस और अन्य राज्य सेवाओं में सफलता पाई है। यही वजह है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके समर्थक और छात्र लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे। बेउर जेल से उनके बाहर आने की खबर जैसे ही पटना के मुसल्लहपुर हाट और नया टोला इलाकों में फैली, छात्रों ने इसे एक बड़ी राहत के रूप में देखा। फिलहाल इस मामले की कानूनी प्रक्रिया जारी है और सभी की नजरें कल आने वाले अदालत के अगले फैसले पर टिकी हुई हैं।




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