फारबिसगंज: करोड़ों की नल-जल योजना विफल, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग; भाजपा नेता आदर्श गोयल ने उठाए सवाल
फारबिसगंज (अररिया): बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल-जल' योजना फारबिसगंज नगर परिषद क्षेत्र में आम लोगों के लिए राहत की बजाय भारी निराशा और आफत का कारण बनती जा रही है। करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार की गई जलापूर्ति व्यवस्था और बड़ी-बड़ी जलमीनारें आज भीषण गर्मी के इस दौर में भी आम लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं।
इस चिलचिलाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी में नगर परिषद के सभी 25 वार्डों के हजारों परिवार पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं, जबकि योजना के तहत लाखों-करोड़ों की लागत से बनाए गए जलमीनार केवल शोभा की वस्तु बनकर खड़े हैं।
कागजों पर संचालित, धरातल पर सूखा
स्थानीय नागरिकों का गंभीर आरोप है कि वर्षों पहले इस योजना का निर्माण कार्य कागजी तौर पर पूरा कर लिया गया था। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि आज तक क्षेत्र के अधिकांश घरों में पानी का कनेक्शन ही नहीं दिया गया। नतीजतन, नल-जल योजना का सीधा लाभ जनता तक नहीं पहुंच पाया है। वार्डवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस गंभीर समस्या से लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल ढाक के तीन पात ही रहे और समस्या के समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लोगों का कहना है कि सरकारी रिकॉर्ड और कागजों पर तो योजना पूरी तरह संचालित और सफल दिखाई जाती है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। सड़कों पर पाइपलाइनें बिछी हुई हैं, जलमीनारें खड़ी हैं, लेकिन लोगों के घरों में लगे नलों से हवा के सिवा पानी की एक बूंद भी नहीं टपकती।
समाजसेवी व भाजपा नेता आदर्श गोयल ने प्रशासन को घेरा
इस पेयजल संकट को लेकर समाजसेवी एवं भाजपा नेता आदर्श गोयल ने नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदार की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, "नगर परिषद के विभिन्न वार्डों में आज तक नल-जल योजना के तहत एक बूंद पानी भी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा है। यह जनता के पैसे की खुली बर्बादी और लापरवाही की पराकाष्ठा है।"
उन्होंने आगे बताया कि इस संबंध में उन्होंने खुद कई बार आला अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है, लेकिन अधिकारियों द्वारा हर बार केवल कोरा आश्वासन ही दिया जाता है। शिकायतों के बावजूद धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे आम जनता में गहरा रोष व्याप्त है।
होल्डिंग टैक्स की नियमित वसूली, सुविधाओं में कटौती
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी भारी गुस्सा है कि नगर परिषद प्रशासन होल्डिंग टैक्स की वसूली तो नियमित रूप से कड़ाई के साथ कर रहा है, लेकिन जब लोगों को मूलभूत सुविधाएं, जैसे कि साफ पीने का पानी, बिजली और सफाई उपलब्ध कराने की बात आती है, तो प्रशासन पूरी तरह पीछे नजर आता है।
चर्चा यह भी है कि इस योजना के तहत काम करने वाले ठेकेदार को काम पूरा दिखाए जाने के बाद अधिकांश भुगतान कर दिया गया है। भुगतान हो जाने के कारण अब न तो ठेकेदार और न ही प्रशासन का कोई अधिकारी इस योजना को सुचारू रूप से चलाने की जिम्मेदारी लेने को तैयार है।
त्वरित समाधान की मांग
भीषण गर्मी और जल संकट के दोहरे प्रकोप से जूझ रहे फारबिसगंज वासियों ने बिहार सरकार, जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों से अविलंब इस मामले की जांच कराने तथा नल-जल योजना को धरातल पर क्रियाशील कर घर-घर पानी पहुंचाने की पुरजोर मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।

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