फारबिसगंज कांवरिया सेवा समिति की वार्षिक बैठक संपन्न: टंकेश्वर धाम में 24वें वर्ष लगेगा ऐतिहासिक सेवा शिविर, आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत
- mdkashif3300
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मारवाड़ी अतिथि सदन में फारबिसगंज कांवरिया सेवा समिति की बैठक आयोजित, 24वें साल टंकेश्वर धाम में सजेगा कांवरिया सेवा शिविर
फारबिसगंज:
अररिया जिले के फारबिसगंज स्थित मारवाड़ी अतिथि सदन के सभागार में सोमवार को फारबिसगंज कांवरिया सेवा समिति की वार्षिक आम बैठक बेहद सौहार्दपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता समिति के उपाध्यक्ष मुरली गुप्ता ने की, जबकि पूरे कार्यक्रम का सफल मंच संचालन वरिष्ठ इंजीनियर आयुष अग्रवाल द्वारा किया गया। इस बैठक में फारबिसगंज शहर के विभिन्न वार्डों के अलावा आसपास की ग्राम पंचायतों और सीमावर्ती क्षेत्रों से आए शिवभक्तों, स्थानीय बुद्धिजीवियों तथा समिति के सक्रिय सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत
बैठक के एजेंडे के अनुसार, समिति के पदाधिकारियों द्वारा गत वित्तीय वर्ष 2025-26 का विस्तृत और पारदर्शी आय-व्यय का विवरण सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उपस्थित सदस्यों ने समिति की वित्तीय पारदर्शिता और पूर्व के सेवा कार्यों की खुले दिल से सराहना की। पदाधिकारियों ने आगामी सावन माह में आयोजित होने वाले सेवा कार्यों के बजट और नई योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सेवा शिविर को आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य, आधुनिक, अनुशासित और जनहितकारी बनाने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव और विचार रखे।
टंकेश्वर धाम में 24वें गौरवशाली वर्ष में प्रवेश करेगा सेवा शिविर
इस अवसर पर समिति के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्ष 2026 में पवित्र टंकेश्वर धाम (कांवर मार्ग) में लगने वाला फारबिसगंज कांवरिया सेवा समिति का निःशुल्क सेवा शिविर अपने गौरवशाली और ऐतिहासिक 24वें वर्ष में प्रवेश करने जा रहा है। समिति पिछले लगातार 23 वर्षों से बिना किसी रुकावट के सावन के पावन महीने में बाबा वैद्यनाथ और टंकेश्वर नाथ के दर्शन के लिए जाने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की निःस्वार्थ भाव से सेवा करती आ रही है।
श्रद्धालुओं और डाक बम यात्रियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी विशेष सुविधाएं
कांवरिया सेवा समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष सावन माह में लगाए जाने वाले इस विशाल शिविर में श्रद्धालुओं की सुख-सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाता है। इस वर्ष भी शिविर में कांवरियों के लिए:
• शुद्ध पेयजल तथा गर्म एवं ठंडे पानी की व्यवस्था।
• थके हुए कांवरियों के लिए एक्युप्रेशर एवं मालिश सेवा।
• विशाल भंडारा (नियमित सात्विक भोजन) और चाय-शरबत वितरण।
• रात में विश्राम करने के लिए सुरक्षित टेंट हाउस व बिस्तरों का प्रबंध।
• प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों के साथ डॉक्टरों की टीम।
इसके साथ ही बिना रुके यात्रा करने वाले 'डाक बम' (Dak Bam) श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष इमरजेंसी कॉरिडोर और त्वरित सेवा की व्यवस्था की जाती है, ताकि उनकी धार्मिक यात्रा निर्विघ्न, सुगम और सुरक्षित पूरी हो सके।
स्थानीय निवासियों और स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि फारबिसगंज और इसके आसपास के इलाकों के आम नागरिकों का इस पुनीत सेवा अभियान में ऐतिहासिक योगदान रहता है। बड़ी संख्या में स्थानीय युवा, व्यवसायी और वरिष्ठ नागरिक स्वयंसेवक के रूप में सीधे शिविर में पहुंचकर शारीरिक और आर्थिक रूप से अपना सहयोग देते हैं। दो दशकों से भी अधिक समय से निरंतर चल रही यह सेवा आज न केवल बिहार बल्कि पड़ोसी राज्य बंगाल और नेपाल से आने वाले कांवरियों के बीच भी एक विशेष आस्था और विश्वास की पहचान बन चुकी है।


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