top of page

चोपड़ा में 'पथश्री' सड़क निर्माण में धांधली का आरोप: ₹1.01 करोड़ की योजना का ग्रामीणों और भाजपा ने रुकवाया काम

  • mdkashif3300
  • Jun 29
  • 3 min read


चोपड़ा में 'पथश्री' सड़क निर्माण में धांधली का आरोप: ₹1.01 करोड़ की योजना का ग्रामीणों और भाजपा ने रुकवाया काम


पश्चिम बंगाल सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण सड़क योजना 'पथश्री' के तहत उत्तर दिनाजपुर जिले के चोपड़ा प्रखंड में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही एक मुख्य सड़क विवादों के घेरे में आ गई है। परियोजना के तहत लगभग 1 करोड़ 1 लाख रुपये की भारी-भरकम लागत से बनाई जा रही सड़क में बेहद घटिया दर्जे की निर्माण सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए स्थानीय ग्रामीणों और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से हंगामा किया और निर्माण कार्य को बलपूर्वक रुकवा दिया। यह मामला चोपड़ा प्रखंड के दसपारा ग्राम पंचायत का है, जहाँ विकास योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।


थुनथुनिया से हुसैन दिघी सड़क का मामला

पूरा विवाद दसपारा ग्राम पंचायत के थुनथुनिया से लेकर हुसैन दिघी तक बनने वाली करीब 1.5 किलोमीटर लंबी सड़क का है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क की स्थिति वर्षों से बेहद जर्जर थी और ग्रामीण लगातार इसे पक्का करने की मांग कर रहे थे। काफी संघर्षों के बाद विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने इस सड़क का शिलान्यास किया। लेकिन ग्रामीणों की खुशी उस समय काफूर हो गई जब सड़क निर्माण का काम शुरू होते ही ठेकेदार कंपनी द्वारा नियमों और गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम कराया जाने लगा।


बीजेपी नेता मिहिर दास ने किया औचक निरीक्षण

रविवार को सड़क निर्माण में अनियमितताओं की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद भाजपा के चोपड़ा विधानसभा संयोजक मिहिर दास अपनी टीम और स्थानीय ग्रामीणों के साथ थुनथुनिया पहुंचे। उन्होंने निर्माण स्थल पर हो रहे कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं, जिसके बाद उन्होंने मौके पर मौजूद सुपरवाइजर से काम रोकने को कहा।


सूचना बोर्ड गायब, पारदर्शिता पर उठे सवाल

मिहिर दास ने आरोप लगाया कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई भी सरकारी सूचना बोर्ड या शेड्यूल बोर्ड नहीं लगाया गया है। नियमानुसार, किसी भी सरकारी योजना का बोर्ड लगाना अनिवार्य है जिस पर योजना की कुल लागत, निर्माण एजेंसी का नाम और सड़क निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री (सीमेंट, गिट्टी, बालू, छड़) का अनुपात स्पष्ट रूप से लिखा होना चाहिए। बोर्ड न होने के कारण ग्रामीणों को यह पता ही नहीं है कि सड़क किस मानक (स्पेसिफिकेशन) के तहत बन रही है।


घटिया सीमेंट और कम अनुपात का आरोप

भाजपा नेता और ग्रामीणों का दावा है कि ठेकेदार द्वारा बेहद निम्न गुणवत्ता वाले सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है और कंक्रीट मिक्स में सीमेंट की मात्रा निर्धारित मानकों से काफी कम रखी जा रही है। मिहिर दास ने कहा, "यह सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम बर्बादी का मामला है। अगर इसी घटिया सामग्री से सड़क बनाई गई, तो यह पहली ही मानसूनी बारिश में बह जाएगी और जनता फिर से कीचड़ भरे रास्ते पर चलने को मजबूर हो जाएगी।"


मांगें पूरी होने तक बंद रहेगा निर्माण कार्य

बीजेपी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण एजेंसी का मुख्य ठेकेदार स्वयं मौके पर नहीं पहुंचता, निर्माण स्थल पर सरकारी मानकों के अनुसार विस्तृत सूचना पट्ट स्थापित नहीं किया जाता और गुणवत्ता की जांच नहीं की जाती, तब तक थुनथुनिया से हुसैन दिघी सड़क का काम पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक निर्माण कंपनी या स्थानीय दसपारा ग्राम पंचायत और ब्लॉक प्रशासन की ओर से इस पूरे मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page