इस्लामपुर के बेटे आयुष गुप्ता बने 'Zee Bangla Sa Re Ga Ma Pa' के विजेता: पूरे शहर में जश्न, भव्य स्वागत की तैयारी
- mdkashif3300
- Jun 29
- 3 min read
इस्लामपुर के बेटे आयुष गुप्ता बने 'Zee Bangla Sa Re Ga Ma Pa' के विजेता: पूरे शहर में जश्न, भव्य स्वागत की तैयारी
संगीत की दुनिया में अपनी जादुई आवाज का लोहा मनवाते हुए उत्तर बंगाल के इस्लामपुर के एक साधारण परिवार के बेटे ने इतिहास रच दिया है। पश्चिम बंगाल के सबसे लोकप्रिय, प्रतिष्ठित और चर्चित म्यूजिक रियलिटी शो 'ज़ी बांग्ला सारेगामापा' (Zee Bangla Sa Re Ga Ma Pa) के ग्रैंड फिनाले में इस्लामपुर के युवा और प्रतिभाशाली गायक आयुष गुप्ता ने विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत की खबर जैसे ही रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात इस्लामपुर पहुंची, पूरा शहर नींद से जाग उठा। चारों तरफ पटाखों की गूंज, ढोल-नगाड़ों की थाप और मिठाइयां बांटने का सिलसिला शुरू हो गया। आयुष गुप्ता की इस कामयाबी से न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे उत्तर बंगाल और सीमांचल क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।
जीत की खबर मिलते ही आधी रात को मनाई गई दिवाली
रियलिटी शो के ग्रैंड फिनाले में जब जजों द्वारा चैंपियन के रूप में आयुष गुप्ता के नाम की घोषणा की गई, तो टेलीविजन स्क्रीन के सामने बैठे उनके प्रशंसकों की आंखें खुशी से छलक उठीं। देखते ही देखते इस्लामपुर की सड़कें जश्न के मैदान में तब्दील हो गईं। युवाओं की टोली हाथों में तिरंगा और ढोल-नगाड़े लेकर सड़कों पर निकल आई। आधी रात को जमकर आतिशबाजी की गई, जिससे आसमान सतरंगी रोशनी से नहा उठा। लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाया और मिठाइयां बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुष ने साबित कर दिया है कि छोटे शहरों के बच्चों में भी असीम प्रतिभा होती है और वे भी बड़े मंचों पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।
महान संगीतकारों को बनाया अपनी आवाज का कायल
ज़ी बांग्ला सारेगामापा में इस सीजन की शुरुआत से ही आयुष गुप्ता अपनी सुरीली आवाज और क्लासिकल-सेमी क्लासिकल गायकी के बेहतरीन तालमेल के कारण जजों और दर्शकों के पसंदीदा बने हुए थे। शो के दौरान कई दिग्गज संगीतकारों, संगीत निर्देशकों और मेहमान कलाकारों ने उनकी प्रस्तुतियों की खड़े होकर सराहना की थी। कठिन कंपीटिशन के हर राउंड को पार करते हुए आयुष ने फिनाले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और अंततः इस सीजन के विजेता की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
आलूबाड़ी रेलवे स्टेशन पर भव्य ऐतिहासिक स्वागत की तैयारी
चैंपियन बनने के बाद आयुष गुप्ता पहली बार सोमवार दोपहर बाद अपने गृह नगर इस्लामपुर लौट रहे हैं। वे कंचनजंगा एक्सप्रेस ट्रेन से दोपहर बाद आलूबाड़ी रोड रेलवे स्टेशन (Alubari Road Railway Station) पहुंचेंगे। इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाने के लिए स्टेशन पर भव्य स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह से ही स्टेशन परिसर में उनके स्वागत के लिए तोरण द्वार बनाए गए हैं और फूलों की वर्षा करने की व्यवस्था की गई है। उनके माता-पिता, रिश्तेदार, शिक्षक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और हजारों की संख्या में संगीत प्रेमी उनके स्वागत के लिए स्टेशन पर ढोल-ताशों के साथ जुट चुके हैं।
शहर की सड़कों पर निकलेगा विशाल 'रोड शो'
रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत के बाद, आयुष गुप्ता को एक सुसज्जित खुली गाड़ी में बैठाकर आलूबाड़ी स्टेशन से इस्लामपुर शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए एक विशाल रोड शो (Roadshow) निकाला जाएगा। इस रोड शो में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। रास्ते में जगह-जगह पर विभिन्न क्लबों और संस्थाओं द्वारा चैंपियन आयुष का अभिनंदन किया जाएगा। हर कोई अपने शहर के इस चमकीले सितारे की एक झलक पाने और उसे बधाई देने के लिए बेताब है।
संगीत जगत में सीमांचल और उत्तर बंगाल का मान बढ़ा
इस्लामपुर, जो बिहार के किशनगंज और दालखोला के नजदीक स्थित है, हमेशा से सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। आयुष गुप्ता की यह जीत स्थानीय बच्चों और युवाओं के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। संगीत शिक्षकों का कहना है कि आयुष की जीत से उन बच्चों को हौसला मिलेगा जो गायकी की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
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