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अररिया में NDA सरकार के खिलाफ राजद का हल्ला बोल: बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और गिरती कानून व्यवस्था के विरोध में महाधरना, सरकार को घेरा

  • mdkashif3300
  • 5 hours ago
  • 3 min read


अररिया में राजद का महाधरना: महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतरे RJD कार्यकर्ता, डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना

अररिया:

बिहार में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और प्रदेश की चरमराती कानून व्यवस्था के खिलाफ विपक्ष ने अपनी आवाज बुलंद कर दी है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के केंद्रीय आह्वान पर सोमवार को अररिया जिला मुख्यालय के समाहरलालय परिसर के समक्ष पार्टी द्वारा एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस महाधरने की अध्यक्षता राजद के जिलाध्यक्ष डॉ. अविनाश आनंद ने की। धरने में पार्टी के कई कद्दावर नेता, विधायक, पूर्व मंत्री और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने वर्तमान एनडीए (NDA) सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और समाहरणालय मार्ग को राजद के लाल-हरे झंडों से पाट दिया।


राजद के दिग्गज नेताओं ने भरी हुंकार

इस एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन में मुख्य रूप से बिहार सरकार के पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री और जोकीहाट के पूर्व विधायक शाहनवाज आलम, रानीगंज के वर्तमान विधायक अविनाश मंगलम, राजद के प्रदेश महासचिव अरुण यादव सहित जिले के दर्जनों वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। मंच संचालन करते हुए नेताओं ने एक स्वर में सूबे की नीतीश-भाजपा सरकार पर हमला बोला। वक्ताओं ने कहा कि राज्य में अपराध का ग्राफ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, दिनदहाड़े हत्या, लूट और छिनतई की घटनाएं हो रही हैं, जिससे आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है।


महंगाई और बेरोजगारी से युवा व आमजन बेहाल

धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि देश और राज्य की डबल इंजन सरकार युवाओं को रोजगार देने के वादे पर पूरी तरह विफल रही है। बिहार के लाखों शिक्षित युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को विवश हैं। इसके साथ ही, आसमान छूती महंगाई ने आम जनता और मध्यम वर्गीय परिवारों की कमर तोड़कर रख दी है। रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल और रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।


गरीबों, किसानों और दलितों की उपेक्षा का आरोप

राजद जिलाध्यक्ष डॉ. अविनाश आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि इस सरकार में गरीबों, किसानों, मजदूरों, दलितों और पिछड़े वर्गों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। किसानों को समय पर खाद-बीज नहीं मिल रहा है, और न ही उनकी फसलों का उचित मूल्य मिल पा रहा है। सरकारी कार्यालयों में बिना रिश्वत के कोई काम नहीं हो रहा है, जिससे आम जनता त्रस्त है।


नेताओं के मुख्य वक्तव्य (बाइट अंश):


पूर्व विधायक सह पूर्व मंत्री शाहनवाज़ आलम ने कहा:

"बिहार में शासन और प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। चारों तरफ भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। राजद हमेशा से गरीबों और शोषितों की आवाज रहा है, और हम जनहित के मुद्दों पर इस सरकार को चैन से बैठने नहीं देंगे। अगर सरकार ने जल्द ही महंगाई और अपराध पर लगाम नहीं लगाई, तो हमारा यह आंदोलन ब्लॉक स्तर से लेकर पंचायत स्तर तक जाएगा।"


राजद जिलाध्यक्ष डॉ. अविनाश आनंद ने कहा:

"अररिया की जनता लचर स्वास्थ्य व्यवस्था, जर्जर सड़कों और ब्लॉक कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार से परेशान है। आज का हमारा यह सांकेतिक धरना सरकार को सचेत करने के लिए है। हम जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंप रहे हैं, जिसमें जनहित की प्रमुख समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की गई है।"


राजद नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जनहित की इन प्रमुख मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाती है, तो वे पूरे सीमांचल क्षेत्र में अनिश्चितकालीन चक्का जाम और जेल भरो आंदोलन की शुरुआत करेंगे।


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