तेज प्रताप यादव के आवास पर बड़ी चोरी: पीए मोतीलाल पर ₹20 लाख कैश, सोने के जेवर और 4 आईफोन उड़ाने का आरोप, FIR दर्ज
तेज प्रताप यादव के आवास पर बड़ी चोरी: पीए मोतीलाल पर ₹20 लाख कैश, सोने के जेवर और 4 आईफोन उड़ाने का आरोप, FIR दर्ज
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे व पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव के पटना स्थित सरकारी आवास पर एक बड़ी और सनसनीखेज चोरी की घटना सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि चोरी का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि तेज प्रताप यादव के सबसे भरोसेमंद और लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे निजी सहायक (पीए) मोतीलाल पर लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तेज प्रताप यादव ने पटना के सचिवालय थाने में अपने पीए मोतीलाल के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, आवास से करीब 20 लाख रुपये नकद, सोने के कीमती जेवर और कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स गायब हैं। पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
लाखों के सामान और कीमती गैजेट्स पर हाथ साफ
राजधानी पटना के अति-सुरक्षित इलाके में स्थित तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास से गायब हुए सामानों की सूची काफी लंबी और बेहद कीमती है। सचिवालय थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, तेज प्रताप के आवास की अलमारी से पार्टी फंड के लगभग 20 लाख रुपये नकद (कैश) गायब हैं। इसके अलावा दो तोले वजन की एक सोने की चेन और एक सोने की अंगूठी भी चोरी हो गई है।
इतना ही नहीं, चोर ने महंगे डिजिटल उपकरणों पर भी हाथ साफ किया है। चोरी हुए सामानों में एक अत्याधुनिक ड्रोन कैमरा, दो हार्ड डिस्क (जिसमें महत्वपूर्ण डेटा होने की बात कही जा रही है), एक आईपैड, एक एप्पल आईमैक/मैकबुक लैपटॉप और चार नए आईफोन 16 प्रो मैक्स मोबाइल फोन शामिल हैं। इन सभी सामानों की कुल कीमत आंकी जाए तो यह 30 से 40 लाख रुपये के बीच बैठती है।
"दीवार फांदकर भागते देखा" - तेज प्रताप यादव का आरोप
सचिवालय थाने में दी गई अपनी लिखित शिकायत में राजद नेता तेज प्रताप यादव ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने खुद अपने निजी सहायक मोतीलाल को अपने सरकारी आवास की बाउंड्री वॉल (चारदीवारी) फांदकर संदिग्ध परिस्थितियों में भागते हुए देखा था। जब उन्होंने घर के अंदर जाकर अलमारी और कीमती सामानों की जांच की, तो अलमारी का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखे 20 लाख रुपये कैश समेत सभी कीमती मोबाइल, लैपटॉप और आभूषण गायब थे। आरोपी मोतीलाल मूल रूप से वैशाली जिले का रहने वाला बताया जा रहा है और वह पिछले काफी समय से तेज प्रताप यादव के निजी और राजनीतिक कार्यों की देखरेख कर रहा था।
सक्रिय हुई पटना पुलिस, मौके पर पहुंचकर की जांच
हाईप्रोफाइल नेता के घर में इतनी बड़ी चोरी की सूचना मिलते ही पटना पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सचिवालय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और एक विशेष टीम तेज प्रताप यादव के सरकारी आवास पर जांच के लिए पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना किया, फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है।
इसके साथ ही पुलिस ने आवास पर तैनात सुरक्षाकर्मियों, हाउसकीपिंग स्टाफ और वहां मौजूद अन्य सेवादारों से भी गहन पूछताछ की है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा और हमेशा समर्थकों व सुरक्षा गार्डों से घिरे रहने वाले आवास से कोई व्यक्ति 20 लाख कैश और इतने सारे गैजेट्स लेकर आसानी से कैसे फरार हो गया।
बिहार के राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
तेज प्रताप यादव के घर हुई इस बड़ी चोरी की घटना ने बिहार की राजनीति में भी गरमाहट ला दी है। एक तरफ जहां राजद समर्थक और नेता आरोपी पीए मोतीलाल की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल इस बहाने राजद पर निशाना साध रहे हैं। विपक्षी नेताओं द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि एक विधायक और पूर्व मंत्री के आवास पर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी (जो पार्टी फंड की बताई जा रही है) और एक साथ चार-चार महंगे आईफोन 16 प्रो मैक्स फोन रखने के पीछे क्या कहानी है। सोशल मीडिया पर भी इस चोरी को लेकर तरह-तरह के कयास और मीम्स शेयर किए जा रहे हैं।
फरार आरोपी मोतीलाल की तलाश में छापेमारी जारी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सचिवालय थाना पुलिस ने आरोपी मोतीलाल के खिलाफ चोरी और अमानत में खयानत (IPC/BNS की संबंधित धाराओं) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से ही आरोपी का मोबाइल फोन बंद आ रहा है और वह अपने ठिकानों से फरार है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके गृह जिले वैशाली और पटना के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस चोरी में क्या कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या मोतीलाल ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
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